विस्तृत उत्तर
इस व्रत में सबसे कड़ा नियम 'नमक' (Salt) का है। रथ सप्तमी के दिन व्रत करने वाले साधक के लिए नमक का सेवन सर्वथा वर्जित है। धर्मशास्त्रों में इसे 'अलवण व्रत' की संज्ञा दी गई है। इसके पीछे गहरा दार्शनिक और आयुर्वेदिक कारण है— मान्यता है कि नमक न खाने से शारीरिक अशुद्धियों का शमन होता है, वासनाएँ क्षीण होती हैं और तपस्या का पूरा फल मिलता है। जो लोग पूरी तरह भूखे नहीं रह सकते, वे दिन में एक बार बिना नमक का सात्विक भोजन या केवल फलाहार करते हैं।





