विस्तृत उत्तर
रुद्राक्ष (Elaeocarpus ganitrus) पेड़ के बीज हैं जो हिमालय और इंडोनेशिया में मिलते हैं। इनके वैज्ञानिक गुणों पर कुछ शोध हुए हैं।
रुद्राक्ष की संरचना — रुद्राक्ष में कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन के साथ-साथ एल्केलॉयड, फ्लेवोनॉइड्स और अन्य कार्बनिक यौगिक होते हैं। इसमें लोहे की भी थोड़ी मात्रा होती है।
इलेक्ट्रोमैग्नेटिक गुणों के दावे — कुछ शोधकर्ताओं का दावा है कि रुद्राक्ष एक विशेष विद्युत-चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है और हृदय की विद्युत गतिविधि को प्रभावित करता है। डॉ. सुहास राव (हैदराबाद विश्वविद्यालय) और IIT शोधकर्ताओं ने रुद्राक्ष की capacitive (धारिता) और inductive (प्रेरण) विशेषताओं पर प्रारंभिक अध्ययन किए।
सावधानी — रुद्राक्ष पर जो शोध हुए हैं वे अधिकतर small-scale हैं और peer-reviewed अंतरराष्ट्रीय जर्नल में कम प्रकाशित हुए हैं। 'इलेक्ट्रोमैग्नेटिक' शक्ति के बड़े दावों की वैज्ञानिक पुष्टि अभी पर्याप्त नहीं है।
स्थापित वैज्ञानिक गुण — रुद्राक्ष के अर्क पर हुए शोधों में anti-inflammatory (सूजनरोधी), anti-microbial (रोगाणुरोधी) और एंटीऑक्सिडेंट गुण पाए गए हैं। इसे धारण करने पर मनोवैज्ञानिक शांति का अनुभव — Placebo effect के अलावा — वास्तविक हो सकता है।
पारंपरिक महत्व — शिव पुराण, श्रीमद्भागवत और अन्य शास्त्रों में रुद्राक्ष को अत्यंत शुभ और कल्याणकारी बताया गया है।





