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विस्तृत उत्तर
संन्यासियों के लिए पितृ पक्ष में द्वादशी तिथि पर श्राद्ध का विधान बताया गया है। शास्त्रों में अलग-अलग प्रकार की मृत्यु और जीवन-अवस्था के अनुसार श्राद्ध की तिथियाँ निर्धारित हैं। जैसे अकाल मृत्यु वालों का श्राद्ध चतुर्दशी को किया जाता है, वैसे ही संन्यासियों के लिए द्वादशी तिथि विशेष मानी गई है।
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