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द्वादशी प्रश्नोत्तरी — 18 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित द्वादशी विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 18 प्रश्न

लोक

एकादशी पारण समय निकल जाए तो क्या करें

ऐसी स्थिति में धर्मज्ञ या गुरु की सलाह लेकर सूक्ष्म पारण किया जाता है।

एकादशी पारणद्वादशीव्रत नियम
लोक

एकादशी व्रत में जल पीना पारण है क्या

अम्बरीष कथा में जल पान को सूक्ष्म पारण माना गया है।

एकादशी पारणजल पानद्वादशी
लोक

द्वादशी को संन्यासी श्राद्ध क्यों?

द्वादशी विष्णु-प्रिय और यतियों के योग्य है।

द्वादशीसंन्यासीविष्णु
लोक

यति महालय क्या होता है?

संन्यासियों का द्वादशी श्राद्ध।

यति महालयद्वादशीसंन्यासी श्राद्ध
लोक

संन्यासी का श्राद्ध किस दिन करें?

द्वादशी तिथि को।

संन्यासीयति महालयद्वादशी
लोक

संन्यासी का श्राद्ध एकादशी को होता है क्या?

नहीं, संन्यासी श्राद्ध द्वादशी को।

संन्यासी श्राद्धएकादशीद्वादशी
लोक

संन्यासी का श्राद्ध किस तिथि को करें?

द्वादशी तिथि को।

संन्यासी श्राद्धद्वादशीविरक्त
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संन्यासी का श्राद्ध दशमी को होता है क्या?

नहीं, संन्यासी का श्राद्ध द्वादशी को।

संन्यासीद्वादशीश्राद्ध
लोक

संन्यासी का श्राद्ध कब करें?

संन्यासी का श्राद्ध एकादशी या द्वादशी को होता है।

संन्यासी श्राद्धएकादशीद्वादशी
विशेष मृत्यु श्राद्ध

यति का श्राद्ध कब होता है?

यति (संन्यासी) का श्राद्ध — जिन्होंने संन्यास ग्रहण कर लिया था और सांसारिक बंधनों से मुक्त थे — पितृ पक्ष की 'द्वादशी' तिथि को होता है। यति और संन्यासी समानार्थी। यह उनकी विशिष्ट आध्यात्मिक कोटि के लिए शास्त्र-निर्धारित तिथि है।

यति श्राद्धद्वादशीसंन्यासी
विशेष मृत्यु श्राद्ध

संन्यासी का श्राद्ध किस तिथि को करें?

संन्यासी (यति) का श्राद्ध — जिन्होंने संन्यास ग्रहण कर लिया था और सांसारिक बंधनों से मुक्त थे — पितृ पक्ष की 'द्वादशी' तिथि को किया जाता है। यह उनकी विशिष्ट आध्यात्मिक कोटि के लिए शास्त्र-निर्धारित विशेष तिथि है।

संन्यासी श्राद्धद्वादशीयति
लोक

संन्यासियों का श्राद्ध द्वादशी को क्यों किया जाता है?

संन्यासियों के श्राद्ध के लिए पितृ पक्ष की द्वादशी तिथि निर्धारित मानी गई है।

संन्यासी श्राद्धद्वादशीपितृ पक्ष
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

श्राद्ध द्वादशी को क्यों करना चाहिए?

एकादशी श्राद्ध वर्जित है, इसलिए श्राद्ध अगले दिन द्वादशी को किया जाना चाहिए।

श्राद्धद्वादशीएकादशी
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

एकादशी के दिन श्राद्ध क्यों नहीं करना चाहिए?

एकादशी श्राद्ध करने से कर्ता, पितर और पुरोहित तीनों को नरकगामी बताया गया है, इसलिए श्राद्ध द्वादशी को करना चाहिए।

एकादशीश्राद्धगरुड़ पुराण
नियम और निषेध

एकादशी व्रत का पारण कब और कैसे करें?

एकादशी पारण: द्वादशी को प्रातःकाल शुभ मुहूर्त में। पद्म पुराण: पारण में आँवला और बेर अवश्य खाएं — उच्छिष्ट दोष मिटता है। स्वतः गिरे तुलसी पत्ते का सेवन कर व्रत पूर्ण।

एकादशी पारणद्वादशीआँवला बेर
पारण विधि

योगिनी एकादशी व्रत खोलने (पारण) का सही समय क्या है?

व्रत हमेशा अगले दिन (द्वादशी को) 'हरि वासर' (शुरुआती समय) बीतने के बाद सुबह खोलना चाहिए। व्रत खोलने से पहले ब्राह्मण को भोजन कराना और दान देना शुभ होता है।

पारण का समयहरि वासरद्वादशी
पारण विधि

एकादशी व्रत खोलने (पारण) का सही समय क्या है?

व्रत हमेशा अगले दिन (द्वादशी को) 'हरि वासर' (शुरुआती समय) बीतने के बाद सुबह के समय ही खोलना चाहिए। दोपहर के समय व्रत नहीं खोलना चाहिए।

पारण का समयहरि वासरद्वादशी
व्रत एवं उपवास

एकादशी का व्रत कब तोड़ें?

एकादशी व्रत द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद, हरिवासर काल समाप्त होने पर तोड़ना चाहिए। त्रयोदशी आने से पहले पारण अवश्य कर लें। पहले विष्णु पूजा करें, चरणामृत लें, फिर भोजन ग्रहण करें।

एकादशी पारणव्रत तोड़नाद्वादशी

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।