विस्तृत उत्तर
शनि देव जब प्रसन्न होते हैं तो जीवन में कुछ स्पष्ट संकेत दिखाई देते हैं।
सबसे पहला संकेत है कि कठिन परिश्रम का उचित फल मिलने लगता है — देर से ही सही, परंतु स्थायी सफलता आती है। शनि की कृपा से प्राप्त धन और सम्मान टिकाऊ होता है, रातोंरात नहीं आता पर जाता भी नहीं। न्याय और सत्य की ओर स्वाभाविक रुझान बढ़ता है। अनुशासन और धैर्य जीवन में आता है।
सामाजिक सेवा और गरीबों के प्रति करुणा स्वाभाविक रूप से जागती है। कानूनी मामले अनुकूल होते हैं। लोहे, तेल, मशीनरी या श्रमिक वर्ग से जुड़े कार्य सफल होते हैं। दीर्घकालिक योजनाएं पूर्ण होती हैं।
शनि कृपा का सबसे बड़ा संकेत यह है कि व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य नहीं खोता और अंततः विजयी होता है। शनि 'शनैः शनैः' (धीरे-धीरे) फल देते हैं — धैर्य ही उनकी सबसे बड़ी कृपा है।





