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जीवन एवं मृत्यु⏱ 2 मिनट पठन

मृत्यु के समय कौन-कौन से लक्षण दिखाई देते हैं?

गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु से पहले हथेलियों की रेखाएँ हल्की होती हैं, पूर्वज सपने में आते हैं।

संक्षिप्त उत्तर

गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु से पहले हथेलियों की रेखाएँ हल्की होती हैं, पूर्वज सपने में आते हैं। मृत्यु के समय वाणी जाती है, इंद्रियाँ शिथिल होती हैं, दिव्य दृष्टि मिलती है। पुण्यात्मा को शांति, पापी को भय होता है।

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विस्तृत उत्तर

गरुड़ पुराण में मृत्यु से पूर्व और मृत्यु के समय दिखाई देने वाले लक्षणों का विस्तार से वर्णन है। मृत्यु का समय निकट आने पर कुछ दिन पहले से ही कुछ संकेत मिलने लगते हैं:

मृत्यु से पहले के लक्षणों में — हथेलियों की रेखाएँ हल्की पड़ने लगती हैं, स्वप्न में पूर्वज दिखाई देते हैं और अपने साथ बुलाते हैं, यमदूतों की उपस्थिति का आभास होने लगता है, किसी छाया का पास होने का अनुभव होता है और परछाईं कमजोर पड़ने लगती है।

मृत्यु के समय के लक्षणों में — पहले बोलने की शक्ति जाती है, फिर हाथ-पैर निष्क्रिय होते हैं, व्यक्ति को दिव्य दृष्टि मिलती है जिससे वह जीवन की समस्त घटनाएँ देखता है, श्वास अनियमित हो जाती है, शरीर धीरे-धीरे शीतल होने लगता है, आँखों में परिवर्तन होता है।

पुण्यात्माओं को मृत्यु से पहले दिव्य प्रकाश और शांति का अनुभव होता है। पापियों को भय, यमदूतों का दर्शन और कष्ट होता है। इन लक्षणों को पहचानकर परिजनों को चाहिए कि वे मरणासन्न व्यक्ति के पास ईश्वर-नाम का उच्चारण करें।

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