विस्तृत उत्तर
भगवान शिव को 'आशुतोष' कहते हैं — जो शीघ्र प्रसन्न हो जाएँ। शास्त्रों में कहा गया है कि भोलेनाथ को केवल एक लोटा शुद्ध जल चढ़ाने से भी वे प्रसन्न हो जाते हैं — बशर्ते भाव सच्चा हो।
सबसे सरल और प्रभावी विधि — सोमवार को प्रातःकाल स्नान करके शिवलिंग पर एक लोटा जल या गंगाजल अर्पित करें। साथ में बेलपत्र चढ़ाएँ — शिव पुराण में बेलपत्र को शिव का अत्यंत प्रिय माना गया है। 'ॐ नमः शिवाय' का 108 बार जप करें।
पाँच सरल उपाय:
पहला — बेलपत्र जलाभिषेक — बेलपत्र पर सफेद चंदन लगाकर शिवलिंग पर चढ़ाएँ और एक लोटा जल।
दूसरा — 'ॐ नमः शिवाय' का नित्य जप — उठते-बैठते, काम करते भी यह मंत्र जपा जा सकता है।
तीसरा — सोमवार व्रत — भोजन में सात्विक आहार और शिव-ध्यान।
चौथा — महामृत्युंजय मंत्र — 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥' — यह रोग, भय और मृत्यु-भय के निवारण के लिए सबसे प्रभावी मंत्र है।
पाँचवाँ — सच्चा मन — शिव भाव के देव हैं। झूठी विधि से किए हजार अभिषेक से, सच्चे मन की एक प्रार्थना अधिक श्रेष्ठ है।





