विस्तृत उत्तर
शुद्ध जल / कुशोदक से अभिषेक (प्रथम अध्याय / 'ॐ नमः शिवाय' के साथ):
जल जीवन का मूल है। शुद्ध जल से अभिषेक करने पर सुवृष्टि (वर्षा) होती है।
कुशा मिश्रित जल (कुशोदक) से अभिषेक करने पर सभी प्रकार की व्याधियों (रोगों), ज्वर और शारीरिक ताप की शांति होती है।





