विस्तृत उत्तर
पर्जन्यास्त्र भारतीय पौराणिक कथाओं का एक विशिष्ट दिव्यास्त्र है जो प्रकृति की सबसे महत्वपूर्ण शक्तियों में से एक — वर्षा और मेघों — का आह्वान करने की क्षमता रखता था। यह विशेष रूप से प्रकृति के जल-तत्व और वर्षा के देवता पर्जन्य देव से जुड़ा होने के कारण जीवन और विनाश दोनों ही पहलुओं को अपने भीतर समाहित किए हुए था। इसका उल्लेख चमकते हुए दिव्यास्त्रों जैसे आग्नेयास्त्र और वायव्यास्त्र के साथ किया गया है। पर्जन्यास्त्र न केवल एक शक्तिशाली युद्ध-अस्त्र था बल्कि प्रकृति की असीम शक्तियों और उनके नैतिक उपयोग का भी एक ज्वलंत प्रतीक था।
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