विस्तृत उत्तर
नागास्त्र पौराणिक महाकाव्यों में वर्णित एक अत्यंत शक्तिशाली दिव्यास्त्र है। यह केवल एक बाण नहीं था, बल्कि विनाश, बंधन और प्रतिशोध का एक जीवंत प्रतीक था। इस अस्त्र के सामने देव, दानव और मानव सभी असहाय हो जाते थे। इसकी शक्ति इतनी प्रचंड थी कि इसने त्रेतायुग में स्वयं भगवान विष्णु के अवतार श्रीराम और शेषनाग के अवतार लक्ष्मण को भी अपने पाश में जकड़ लिया था। ग्रंथों में इसके दो प्रमुख स्वरूपों का वर्णन मिलता है — नागास्त्र और नागपाश — जो एक ही शक्ति के दो अलग-अलग रूप थे।
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