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श्राद्ध विधि📜 धर्मशास्त्र, पितृ कर्म विधान1 मिनट पठन

श्राद्ध में पिंड कैसे बनाएं और कहाँ रखें?

संक्षिप्त उत्तर

सामग्री: जौ आटा + काले तिल + शहद + गंगाजल + दूध + घी। गोल पिंड बनाएँ, कुश पर रखें। दक्षिण दिशा। बाद में नदी प्रवाहित/गाय खिलाएँ/पीपल नीचे रखें। पंडित से करवाना उत्तम।

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विस्तृत उत्तर

पिंड = चावल/जौ के आटे से बना गोल पिंड जो पितरों को अर्पित किया जाता है।

पिंड कैसे बनाएं

  1. 1सामग्री: जौ का आटा (या चावल का आटा) + काले तिल + शहद + गंगाजल + दूध + घी
  2. 2सब मिलाकर गोल पिंड (लड्डू आकार) बनाएँ।
  3. 3एक या तीन पिंड बनाएँ (परंपरा अनुसार)।
  4. 4पिंड बनाते समय पितर का नाम + गोत्र लें और तर्पण मंत्र बोलें।
  5. 5कुश (दूब/डाभ) घास पर पिंड रखें।

कहाँ रखें

  • दक्षिण दिशा में कुश बिछाकर रखें (दक्षिण = पितर दिशा)।
  • पवित्र नदी/जलाशय के किनारे (यदि संभव)।
  • पीपल वृक्ष के नीचे।

श्राद्ध के बाद

  • पिंड को पवित्र नदी/जलाशय में प्रवाहित करें।
  • या गाय को खिलाएँ
  • या पीपल/वट वृक्ष के नीचे रखें।
  • फेंकें नहीं — सम्मानपूर्वक प्रवाहित/अर्पित करें।

ध्यान दें: पिंडदान विधि जटिल है — योग्य पंडित से करवाना उत्तम।

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शास्त्रीय स्रोत
धर्मशास्त्र, पितृ कर्म विधान
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