विस्तृत उत्तर
पिंड = चावल/जौ के आटे से बना गोल पिंड जो पितरों को अर्पित किया जाता है।
पिंड कैसे बनाएं
- 1सामग्री: जौ का आटा (या चावल का आटा) + काले तिल + शहद + गंगाजल + दूध + घी।
- 2सब मिलाकर गोल पिंड (लड्डू आकार) बनाएँ।
- 3एक या तीन पिंड बनाएँ (परंपरा अनुसार)।
- 4पिंड बनाते समय पितर का नाम + गोत्र लें और तर्पण मंत्र बोलें।
- 5कुश (दूब/डाभ) घास पर पिंड रखें।
कहाँ रखें
- ▸दक्षिण दिशा में कुश बिछाकर रखें (दक्षिण = पितर दिशा)।
- ▸पवित्र नदी/जलाशय के किनारे (यदि संभव)।
- ▸पीपल वृक्ष के नीचे।
श्राद्ध के बाद
- ▸पिंड को पवित्र नदी/जलाशय में प्रवाहित करें।
- ▸या गाय को खिलाएँ।
- ▸या पीपल/वट वृक्ष के नीचे रखें।
- ▸फेंकें नहीं — सम्मानपूर्वक प्रवाहित/अर्पित करें।
ध्यान दें: पिंडदान विधि जटिल है — योग्य पंडित से करवाना उत्तम।





