विस्तृत उत्तर
वाक् सिद्धि से वाणी में अद्भुत तेज, प्रभाव और सत्यता का प्राकट्य होता है। साधक जो भी कहता है, वह सत्य और फलित होने लगता है। यह सिद्धि वाद-विवाद में विजय और नेतृत्व क्षमता प्रदान करती है।
यह इसलिए मिलती है क्योंकि माँ भैरवी स्वयं 'परा वाक्' (सर्वोच्च वाणी) की शक्ति हैं। उनकी साधना से साधक की वाणी उस मूल स्रोत से जुड़ जाती है, जिससे उसमें सत्यता और प्रभाव का संचार होता है।


