विस्तृत उत्तर
उपलेपन पञ्चभूसंस्कार का द्वितीय चरण है। परिसमूहन के पश्चात गाय के गोबर (गोमय) और शुद्ध जल (या गंगाजल) से हवन कुंड के भीतर और आस-पास की भूमि का लेपन किया जाता है।
गोबर में अद्भुत जीवाणुनाशक गुण होते हैं, जो भूमि को पवित्र और यज्ञ के अनुकूल बनाते हैं।



