विस्तृत उत्तर
हरा रंग वास्तु शास्त्र में समृद्धि, प्रकृति, विकास और सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। बुध ग्रह से संबंधित यह रंग बुद्धि और तर्कशक्ति को बढ़ाता है।
हरा रंग उत्तर दिशा के लिए विशेष रूप से शुभ है। घर की उत्तर दिशा जल तत्व और धन-लक्ष्मी का स्थान है। यहाँ हल्का हरा या पिस्ता हरा रंग करवाने से आर्थिक स्थिति सुधरती है, बच्चों के करियर में सफलता मिलती है और महिलाओं के स्वास्थ्य पर शुभ प्रभाव पड़ता है।
लिविंग रूम और बैठक में हरे रंग का प्रयोग किया जा सकता है। यह घर में सकारात्मकता और हरियाली का एहसास देता है।
बेडरूम में हल्का हरा रंग करवाना भी वास्तु में शुभ माना गया है। यह रिश्तों में मधुरता लाता है और मन को शांत रखता है।
पूर्व-उत्तर-पूर्व क्षेत्र वायु तत्व की दिशा है जहाँ हरा रंग सबसे उपयुक्त है।
जहाँ हरा रंग न करें: दक्षिण दिशा में हरा रंग नहीं करना चाहिए क्योंकि यह मंगल की दिशा है जिसका रंग लाल है। पश्चिम दिशा में भी हरे रंग से परहेज करना चाहिए। घर के ब्रह्मस्थान (मध्य भाग) में हरा रंग नहीं करना चाहिए क्योंकि यह आकाश तत्व का स्थान है। दक्षिणमुखी घर के प्रवेश द्वार पर हरे रंग का प्रयोग नहीं करना चाहिए।





