विस्तृत उत्तर
भगवान विष्णु सृष्टि के पालनकर्ता हैं। उनकी कृपा जीवन में स्थिरता, समृद्धि और सुरक्षा के रूप में प्रकट होती है।
जीवन में स्थिरता — जब विष्णु जी की कृपा होती है तो जीवन में एक सुंदर लय और व्यवस्था आती है। कार्यों में बिना अतिरिक्त प्रयास के सफलता मिलती है, घर में माँ लक्ष्मी का स्थायी वास होता है और धन-धान्य की कमी नहीं रहती।
भक्ति में स्वाभाविक प्रवाह — जब विष्णु जी प्रसन्न होते हैं तो भजन-कीर्तन और एकादशी व्रत में मन स्वाभाविक रूप से लगने लगता है। श्रीमद्भागवत, विष्णु पुराण की कथाएँ प्रिय लगने लगती हैं। शंख, पीले फूल और पीले वस्त्र जीवन में अधिक आने लगते हैं।
स्वप्न में दर्शन — विष्णु जी की कृपा में भक्त को शंख, चक्र, गदा, पद्म के दर्शन होते हैं या सूर्योदय के सुंदर दृश्य दिखते हैं। कमल-फूल का स्वप्न में आना विष्णु-कृपा का शुभ संकेत माना जाता है।
सम्बन्धों में मधुरता — विष्णु धर्म के रक्षक हैं। उनकी कृपा से परिवार में प्रेम, सद्भाव और न्याय का वातावरण बनता है। जो व्यक्ति विष्णु-भक्त होता है उसके शत्रु भी मित्र बनने लगते हैं।





