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पूर्वभाग अध्याय 3 प्रश्नोत्तरी — 39 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित पूर्वभाग अध्याय 3 विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 39 प्रश्न

शिव तत्त्व

ब्रह्मा विष्णु शिव की विश्व प्राज्ञ तैजस अवस्थाएँ क्या हैं?

बीजरूप ब्रह्मा, योनिरूप विष्णु और प्रधानरूप शिव की विश्व, प्राज्ञ और तैजस अवस्थाएँ कही गई हैं।

ब्रह्माविष्णुशिव
शिव तत्त्व

शिव को जगत का बीज क्यों कहा गया है?

शिव को बीजरहित होकर भी जगत् का बीज यानी मूल कारण कहा गया है।

शिवजगत बीजबीज
शिव तत्त्व

व्यक्त और अव्यक्त रूप क्या हैं?

लिंग को व्यक्त और अलिंग को अव्यक्त रूप कहा गया है; दोनों रूप शिवात्मक बताए गए हैं।

व्यक्तअव्यक्तलिंग
शिव तत्त्व

सगुण और निर्गुण शिव में क्या अंतर है?

निर्गुण शिव अलिंग हैं और सगुण रूप लिंग यानी व्यक्त प्रकृति से जुड़ा बताया गया है।

सगुण शिवनिर्गुण शिवलिंग
शिव तत्त्व

रुद्र से संहार कैसे होता है?

तीन प्रधान देवों में रुद्र से जगत् का संहार बताया गया है और प्रलयकाल तमोगुण से जुड़ा है।

रुद्रसंहारतमोगुण
सृष्टि तत्त्व

विष्णु से जगत की रक्षा कैसे होती है?

तीन प्रधान देवों में विष्णु से जगत् की रक्षा होती है और पालन की स्थिति सत्त्वगुण से जुड़ी बताई गई है।

विष्णुजगत रक्षापालन
सृष्टि तत्त्व

ब्रह्मा से सृष्टि कैसे होती है?

माया-वितत लिंगों से उद्भूत तीन प्रधान देवों में ब्रह्मा से जगत् की उत्पत्ति बताई गई है।

ब्रह्मासृष्टिशिवात्मक
शिव तत्त्व

ब्रह्मा विष्णु रुद्र शिवात्मक कैसे हैं?

ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र तीनों प्रधान देव माया-वितत लिंगों से उद्भूत और शिवात्मक बताए गए हैं।

ब्रह्माविष्णुरुद्र
सृष्टि तत्त्व

छब्बीस तत्त्व कौन से हैं?

छब्बीस रूपवाले लिंगतत्त्व का वर्णन सात, आठ और ग्यारह रूपों के क्रम से किया गया है।

छब्बीस तत्त्वलिंग तत्त्वमहत्तत्त्व
सृष्टि तत्त्व

पंचभूत कौन से हैं?

पंचभूत पृथ्वी, जल, तेज, आकाश और वायु बताए गए हैं।

पंचभूतपृथ्वीजल
प्रकृति तत्त्व

शिव और प्रकृति का संबंध क्या है?

निर्गुण शिव प्रकृति के मूल कारण हैं और शिव की दृष्टि से प्रकृति शैवी कही गई है।

शिवप्रकृतिशैवी शक्ति
प्रकृति तत्त्व

प्रकृति को लिंग क्यों कहा गया है?

प्रकृति को लिंग कहा गया है क्योंकि प्रधान प्रकृति शब्द-स्पर्श-रूप-रस-गन्धादि से संयुक्त उत्तम लिंग बताई गई है।

प्रकृतिलिंगप्रधान
शिव तत्त्व

निर्गुण शिव क्या है?

निर्गुण शिव वह अलिंग तत्त्व है जो शब्द, स्पर्श, रूप, रस, गन्ध और गुणों से रहित है।

निर्गुण शिवअलिंगपरमात्मा
शिव तत्त्व

लिंग तत्त्व क्या है?

लिंग तत्त्व प्रधान प्रकृति है, जो शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध आदि से संयुक्त बताई गई है।

लिंग तत्त्वप्रकृतिप्रधान
शिव तत्त्व

अलिंग क्या है?

अलिंग निर्गुण ब्रह्म शिव है, जो शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध आदि से रहित बताया गया है।

अलिंगनिर्गुण शिवनिर्गुण ब्रह्म

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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