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विष्णु पुराण प्रश्नोत्तरी — 91 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित विष्णु पुराण विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 91 प्रश्न

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विष्णु पुराण में त्रयोदशी श्राद्ध क्या बताता है?

त्रयोदशी अनंत पुण्यदायी बताई गई है।

विष्णु पुराणत्रयोदशीपुरूरवा
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त्रयोदशी श्राद्ध का शास्त्रीय आधार क्या है?

पुराणों और धर्मशास्त्रों में इसका आधार है।

गरुड़ पुराणविष्णु पुराणमत्स्य पुराण
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दशमी श्राद्ध में पितरों की आकांक्षा क्या है?

पिण्डदान और पायस अर्पण की आकांक्षा।

पितृ आकांक्षाविष्णु पुराणपायस
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दशमी श्राद्ध में बासी अन्न क्यों वर्जित है?

बासी अन्न श्राद्ध को अपवित्र करता है।

बासी अन्नश्राद्ध निषेधविष्णु पुराण
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पितरों को पायस क्यों प्रिय है?

क्योंकि यह पितृ तृप्ति देता है।

पायसपितृ तृप्तिविष्णु पुराण
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विष्णु पुराण में पितृ गाथा क्या है?

पितरों की श्राद्ध-आकांक्षा का वर्णन।

विष्णु पुराणपितृ गाथाश्राद्ध
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दशमी श्राद्ध का शास्त्रीय आधार क्या है?

पुराणों और स्मृतियों में इसका आधार है।

गरुड़ पुराणविष्णु पुराणयाज्ञवल्क्य स्मृति
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विष्णु पुराण में योगी भोजन का फल क्या है?

हजार ब्राह्मण भोजन जैसा पुण्य।

विष्णु पुराणयोगीश्राद्ध भोज
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नवमी श्राद्ध से आत्मा को कौन सी गति मिलती है?

आत्मा को ऊर्ध्व गति मिलती है।

आत्माऊर्ध्व गतिविष्णु पुराण
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नवमी श्राद्ध में योगी को भोजन कराने का फल क्या है?

हजार ब्राह्मण भोजन के समान फल।

योगी भोजनविष्णु पुराणश्राद्ध फल
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अष्टमी श्राद्ध में सात्विक अन्न क्यों जरूरी है?

सात्विक अन्न पितृ तृप्ति के लिए श्रेष्ठ है।

सात्विक अन्नश्राद्ध भोजनविष्णु पुराण
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अष्टमी श्राद्ध में ब्राह्मण भोज क्यों जरूरी है?

ब्राह्मण भोज पितृ तृप्ति का मुख्य भाग है।

ब्राह्मण भोजश्राद्धविष्णु पुराण
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अष्टमी श्राद्ध में सेंधा नमक क्यों?

श्राद्ध भोजन में सेंधा नमक प्रशस्त है।

सेंधा नमकश्राद्ध भोजनविष्णु पुराण
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गरीब व्यक्ति सप्तमी श्राद्ध कैसे करे?

धन न हो तो तिल-जल या श्रद्धा से प्रार्थना करके श्राद्ध करें।

गरीब श्राद्धविष्णु पुराणतिल जल
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गरीब व्यक्ति श्राद्ध कैसे करे?

सामर्थ्य न हो तो गाय को घास खिलाकर या श्रद्धा से प्रणाम कर श्राद्ध किया जा सकता है।

गरीब श्राद्धविष्णु पुराणश्रद्धा
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कैसा ब्राह्मण भोजन कराएँ?

वेदज्ञ, सुयोग्य और आत्मज्ञानी ब्राह्मण को भोजन कराना श्रेष्ठ है।

योग्य ब्राह्मणश्राद्ध भोजविष्णु पुराण
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भारत भूमि में श्राद्ध क्यों श्रेष्ठ है?

भारतभूमि में श्राद्ध को देवताओं तक ने दुर्लभ और मोक्षदायी माना है।

भारत भूमिश्राद्ध महिमाविष्णु पुराण
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विष्णु पुराण में तृतीया का महत्व क्या है?

विष्णु पुराण तृतीया को अनंत पुण्यदायी तिथि मानता है।

विष्णु पुराणतृतीया तिथिअक्षय पुण्य
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तृतीया श्राद्ध मोक्ष से कैसे जुड़ा है?

तृतीया श्राद्ध पितरों की ऊर्ध्वगति और मोक्षमार्ग से जुड़ा है।

मोक्षतृतीया श्राद्धविष्णु पुराण
श्राद्ध दर्शन

क्या गाय को चारा खिलाकर श्राद्ध किया जा सकता है?

हाँ, विष्णु पुराण के अनुसार गाय को चारा खिलाकर भी श्राद्ध किया जा सकता है। यदि किसी के पास तिल-जल जितनी भी सामग्री नहीं है, तो वह कहीं से एक दिन का चारा लाकर श्रद्धापूर्वक गाय को खिला दे, और इससे श्राद्ध की पूर्ति हो जाती है। गाय पवित्रता और देवत्व का प्रतीक है।

गाय चाराश्राद्ध विकल्पविष्णु पुराण
श्राद्ध दर्शन

क्या तिल और जल से श्राद्ध हो सकता है?

हाँ, विष्णु पुराण के अनुसार तिल और जल से भी श्राद्ध हो सकता है। यदि किसी के पास पिण्डदान या ब्राह्मण भोजन के लिए धन-सामग्री नहीं है, तो वह केवल थोड़ा सा कच्चा धान या एक मुट्ठी तिल अंजलि में जल के साथ लेकर किसी श्रेष्ठ ब्राह्मण को दान कर दे। श्राद्ध श्रद्धा से होता है, मात्रा से नहीं।

तिल जल श्राद्धनिर्धन विकल्पविष्णु पुराण
श्राद्ध दर्शन

क्या बेईमानी के पैसे से श्राद्ध कर सकते हैं?

नहीं, बेईमानी के पैसे से श्राद्ध नहीं कर सकते। मार्कण्डेय और विष्णु पुराण के अनुसार अन्याय, छल-कपट या भ्रष्टाचार से अर्जित धन से किया गया श्राद्ध पितरों को स्वर्ग नहीं पहुँचाता, बल्कि वह नीच योनियों में पड़े जीवों को प्राप्त होता है, और पितर क्षुधा से पीड़ित रहते हैं।

बेईमानी का धनअशुद्ध धनश्राद्ध वर्जित
श्राद्ध दर्शन

श्राद्ध किस धन से करना चाहिए?

विष्णु पुराण के अनुसार श्राद्ध सदैव न्याय और ईमानदारी से कमाए गए धन से ही करना चाहिए। अन्याय, छल-कपट या भ्रष्टाचार से अर्जित धन से किया गया श्राद्ध पितरों को स्वर्ग नहीं पहुँचाता, बल्कि वह नीच योनियों में पड़े जीवों को प्राप्त होता है, और पितर क्षुधा से पीड़ित रहते हैं।

न्यायोपार्जित धनईमानदारीविष्णु पुराण
श्राद्ध विधि

पितरों को कौन सी चीज़ें प्रिय हैं?

विष्णु पुराण और मत्स्य पुराण के अनुसार पितरों को तिल, कुशा, गाय का दूध, शहद, जौ और सफेद फूल अत्यंत प्रिय हैं। तिल और कुशा भगवान वराह के दिव्य शरीर से उत्पन्न हुए हैं। ये छह चीज़ें श्राद्ध में अनिवार्य रूप से प्रयोग की जाती हैं।

पितर प्रियतिल कुशा दूधविष्णु पुराण

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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