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तिथि निर्णय प्रश्नोत्तरी — 10 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित तिथि निर्णय विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 10 प्रश्न

तिथि श्राद्ध

कृष्ण पक्ष की द्वितीया का श्राद्ध कब होता है?

कृष्ण पक्ष की द्वितीया का श्राद्ध मुख्यतः पितृ पक्ष यानी आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया को सम्पन्न होता है। यह दिन प्रतिपदा के बाद आता है। पितृ पक्ष की कृष्ण द्वितीया पर पार्वण श्राद्ध होता है, जिसमें तीन पीढ़ियों का सतीक आवाहन होता है। किसी भी मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया को मरे पितर का वार्षिक एकोद्दिष्ट श्राद्ध भी उसी कृष्ण द्वितीया को होता है।

कृष्ण पक्ष द्वितीयामहालय श्राद्धपितृ पक्ष
तिथि निर्णय

व्रत के लिए 'विद्धा' (दशमी युक्त) एकादशी क्यों मना है?

शास्त्रों के अनुसार, जिस एकादशी में दशमी तिथि मिली हुई हो (विद्धा एकादशी), वह राक्षसी प्रवृत्ति की मानी जाती है। इसलिए दशमी मिली हुई एकादशी का व्रत कभी नहीं करना चाहिए।

तिथि निर्णयविद्धा एकादशीशुद्धा एकादशी
तिथि निर्णय

व्रत के लिए 'शुद्धा' और 'विद्धा' (दशमी युक्त) एकादशी में से कौन सी सही है?

व्रत के लिए 'शुद्धा' (बिना दशमी वाली) एकादशी ही सही मानी जाती है। अगर एकादशी में दशमी मिली हो (विद्धा), तो उस दिन व्रत नहीं करना चाहिए।

शुद्धा एकादशीविद्धा एकादशीतिथि निर्णय
तिथि निर्णय

कालाष्टमी व्रत की पूजा का सही समय (तिथि) क्या है?

कालभैरव रात्रिकालीन देवता हैं, इसलिए यह व्रत उस दिन किया जाता है जब अष्टमी तिथि सूर्यास्त के बाद और मध्यरात्रि (निशीथ काल) में मौजूद हो।

तिथि निर्णयरात्रिव्यापिनीधर्मसिंधु
तिथि निर्णय

मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत किस दिन रखा जाता है?

यह व्रत उस दिन रखा जाता है जब सूर्योदय के समय शुद्ध अष्टमी तिथि हो। यदि अष्टमी तिथि दोपहर या शाम को भी स्पर्श करती है, तो वह दिन सबसे शुभ माना जाता है।

तिथि निर्णयउदयातिथिधर्मसिंधु
काल निर्णय

सत्यनारायण पूजा के लिए सबसे शुभ दिन (तिथि) कौन सा है?

सत्यनारायण पूजा के लिए 'पूर्णिमा' (पूर्णमासी) का दिन सबसे शुभ माना जाता है। वह दिन चुनना चाहिए जब शाम के समय (गोधूलि बेला) पूर्णिमा तिथि मौजूद हो।

पूर्णिमाप्रदोष व्यापिनीतिथि निर्णय
काल-निर्णय

प्रदोष व्रत में 'तिथि क्षय' और 'साम्यावस्था' के नियम क्या हैं?

तिथि क्षयसाम्यावस्थातिथि निर्णय
व्रत नियम और संकल्प

संकष्टी चतुर्थी का व्रत किस दिन रखा जाता है?

यह व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन रात में चाँद निकलने (चंद्रोदय) के समय चतुर्थी तिथि मौजूद हो। इसे 'चंद्रोदय-व्यापिनी' नियम कहते हैं।

चंद्रोदय व्यापिनीतिथि निर्णयव्रत का दिन
व्रत नियम और संकल्प

मासिक शिवरात्रि का व्रत किस दिन करते हैं?

यह व्रत उस दिन रखा जाता है जब चतुर्दशी तिथि आधी रात (निशीथ काल) के समय पड़ रही हो।

निशीथ कालतिथि निर्णयचतुर्दशी
व्रत नियम और संकल्प

पूर्णिमा का व्रत किस दिन रखें? (तिथि का नियम)

व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन शाम के समय (सूर्यास्त के बाद) पूर्णिमा हो। अगर पहले दिन शाम को पूर्णिमा है और अगले दिन शाम से पहले खत्म हो रही है, तो व्रत पहले दिन ही रखा जाएगा।

प्रदोष व्यापिनीतिथि निर्णयव्रत का दिन

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