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पूर्वभाग अध्याय 4 प्रश्नोत्तरी — 43 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित पूर्वभाग अध्याय 4 विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 43 प्रश्न

सृष्टि आरम्भ

ब्रह्मा ने भू भुव स्व मह लोकों की रचना कैसे की?

पृथ्वी को पुनः व्यवस्थित करने के बाद ब्रह्मा ने भू आदि चार लोकों की पूर्ववत् रचना की।

भूभुवस्व
सृष्टि आरम्भ

पृथ्वी को फिर से कैसे स्थापित किया गया?

ब्रह्मा ने पृथ्वी को निकालकर पूर्ववत् स्थापित किया, नदी-समुद्र बनाए और दबे-उठे भागों को समतल किया।

पृथ्वी स्थापनाब्रह्मावाराह
सृष्टि आरम्भ

जल में डूबी पृथ्वी को किसने निकाला?

जल में डूबी पृथ्वी को सनातन ब्रह्मा ने वाराह रूप धारण करके निकाला।

पृथ्वीजलब्रह्मा
सृष्टि आरम्भ

ब्रह्मा ने वाराह रूप क्यों धारण किया?

ब्रह्मा ने जल में डूबी पृथ्वी को निकालकर फिर से स्थापित करने के लिए वाराह रूप धारण किया।

ब्रह्मावाराह रूपपृथ्वी उद्धार
सृष्टि आरम्भ

प्रलय के बाद ब्रह्मा ने क्या सोचा?

प्रलयकालीन रात बीतने पर ब्रह्मा ने चराचर जगत् को शून्य देखकर सृष्टि करने का विचार किया।

प्रलयब्रह्मासृष्टि विचार
ब्रह्मा काल

ब्रह्मा को नारायण क्यों कहा गया है?

प्रलय की रात में ब्रह्माजी जलराशि में शयन करते हैं, इसलिए उन्हें नारायण कहा गया है।

ब्रह्मानारायणप्रलय
प्रलय

प्रलय में कौन से लोक नष्ट नहीं होते?

भू:, भुव:, स्व: और मह: से ऊपर के लोकों का नाश नहीं होता बताया गया है।

प्रलयऊपर के लोकलोक
प्रलय

प्रलय में कौन से लोक नष्ट होते हैं?

प्रलय में भू:, भुव:, स्व: और मह: लोक नष्ट होते हैं।

प्रलयभू लोकभुव लोक
ब्रह्मा काल

ब्रह्मा की आयु कितनी बताई गई है?

ब्रह्मा की आयु दो परार्ध बताई गई है।

ब्रह्मा की आयुदो परार्धब्रह्मा
शिव तत्त्व

महेश्वर एक ही क्यों बताए गए हैं?

असंख्य कल्प, पितामह और विष्णु उत्पन्न होते हैं, पर महेश्वर मात्र एक बताए गए हैं।

महेश्वरअसंख्य कल्पब्रह्मा
प्रलय

सृष्टि और प्रलय का कारण क्या बताया गया है?

गुणों की विषमता से सृष्टि और गुणों के साम्य से प्रलय बताया गया है; दोनों का हेतु महेश्वर हैं।

सृष्टिप्रलयगुण
प्रलय

प्रलय के बाद क्या बचता है?

प्रलय के बाद केवल प्रधान यानी प्रकृति और पुरुष रह जाते हैं।

प्रलयप्रधानप्रकृति
प्रलय

महाप्रलय में क्या होता है?

महाप्रलय में सम्पूर्ण सृष्टि का लय हो जाता है और शिव की आज्ञा से प्रलय का भी प्रलय होता है।

महाप्रलयसृष्टि लयशिव आज्ञा
कल्प और मन्वन्तर

ब्रह्मा के तैंतीस कल्प कौन से हैं?

ब्रह्मा के तैंतीस कल्पों में भवोद्भव से सर्वरूपक तक अनेक नाम गिनाए गए हैं।

तैंतीस कल्पब्रह्माकल्प नाम
देव काल

रुद्र का एक दिन कितना बताया गया है?

विष्णु के नौ हजार दिनों का समय कालात्मा रुद्र के एक दिन का समय कहा गया है।

रुद्ररुद्र का दिनविष्णु का दिन
देव काल

विष्णु का एक दिन कितना बताया गया है?

ब्रह्मा के एक हजार युग विष्णु के एक दिन के बराबर बताए गए हैं।

विष्णुविष्णु का दिनब्रह्मा का युग
ब्रह्मा काल

ब्रह्मा का एक वर्ष कितना होता है?

हजार कल्पों का काल ब्रह्माजी का एक वर्ष बताया गया है।

ब्रह्माब्रह्म वर्षकल्प
कल्प और मन्वन्तर

एक मन्वन्तर कितने वर्षों का होता है?

मनुष्यवर्ष से तीस करोड़ सरसठ लाख बीस हजार वर्षों का काल मन्वन्तर के लिए बताया गया है।

मन्वन्तरमनुष्य वर्षतीस करोड़
विशेष काल गणना

ध्रुव वर्ष क्या होता है?

मनुष्यों के नौ हजार नब्बे वर्ष मिलाकर एक ध्रुव वर्ष बताया गया है।

ध्रुव वर्षध्रौव्य वर्षमनुष्य वर्ष
विशेष काल गणना

सप्तर्षियों का एक वर्ष कितना होता है?

मनुष्यों के तीन हजार तीस वर्ष सप्तर्षियों के एक वर्ष के बराबर माने गए हैं।

सप्तर्षिसप्तर्षि वर्षमनुष्य वर्ष
देव काल

देवताओं का एक वर्ष कितना होता है?

मनुष्यों के तीन सौ साठ वर्ष देवताओं के एक वर्ष के बराबर बताए गए हैं।

देवतादेव वर्षमनुष्य वर्ष
देव काल

देवताओं का एक महीना कितना होता है?

मनुष्यों के तीस वर्ष का काल देवताओं के एक महीने के बराबर बताया गया है।

देवतादेव मासमनुष्य वर्ष
देव काल

दक्षिणायन देवताओं की रात क्यों कहा गया है?

सूर्य का दक्षिण की ओर संक्रमण देवताओं की रात्रि कहा गया है।

दक्षिणायनदेवताओं की रातसूर्य संक्रमण
देव काल

उत्तरायण देवताओं का दिन क्यों कहा गया है?

सूर्य का उत्तर की ओर संक्रमण देवताओं का दिवस कहा गया है।

उत्तरायणदेवताओं का दिनसूर्य संक्रमण

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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