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विस्तृत उत्तर
ब्रह्मा के तैंतीस कल्पों के नाम गिनाए गए हैं: भवोद्भव, तप, भव्य, रम्भ, क्रतु, ऋतु, वहि, हव्यवाह, सावित्र, शुद्ध, उशिक, कुशिक, गान्धार, ऋषभ, षड्ज, मज्जालीय, मध्यम, वैराज, निषाद, मुख्य, मेघवाहन, पंचम, चित्रक, आकूति, ज्ञान, मन, सुदर्श, बृह, श्वेतलोहित, रक्त, पीतवासा, असित और सर्वरूपक। ये अव्यक्तजन्मा ब्रह्मा के तैंतीस कल्प कहे गए हैं।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 4, PDF पृष्ठ 27-28, श्लोक 45-48 1/2
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