सृष्टि आरम्भब्रह्मा ने भू भुव स्व मह लोकों की रचना कैसे की?पृथ्वी को पुनः व्यवस्थित करने के बाद ब्रह्मा ने भू आदि चार लोकों की पूर्ववत् रचना की।#भू#भुव#स्व
सृष्टि आरम्भपृथ्वी को फिर से कैसे स्थापित किया गया?ब्रह्मा ने पृथ्वी को निकालकर पूर्ववत् स्थापित किया, नदी-समुद्र बनाए और दबे-उठे भागों को समतल किया।#पृथ्वी स्थापना#ब्रह्मा#वाराह
सृष्टि आरम्भजल में डूबी पृथ्वी को किसने निकाला?जल में डूबी पृथ्वी को सनातन ब्रह्मा ने वाराह रूप धारण करके निकाला।#पृथ्वी#जल#ब्रह्मा
सृष्टि आरम्भब्रह्मा ने वाराह रूप क्यों धारण किया?ब्रह्मा ने जल में डूबी पृथ्वी को निकालकर फिर से स्थापित करने के लिए वाराह रूप धारण किया।#ब्रह्मा#वाराह रूप#पृथ्वी उद्धार
सृष्टि आरम्भप्रलय के बाद ब्रह्मा ने क्या सोचा?प्रलयकालीन रात बीतने पर ब्रह्मा ने चराचर जगत् को शून्य देखकर सृष्टि करने का विचार किया।#प्रलय#ब्रह्मा#सृष्टि विचार
ब्रह्मा कालब्रह्मा को नारायण क्यों कहा गया है?प्रलय की रात में ब्रह्माजी जलराशि में शयन करते हैं, इसलिए उन्हें नारायण कहा गया है।#ब्रह्मा#नारायण#प्रलय
प्रलयप्रलय में कौन से लोक नष्ट नहीं होते?भू:, भुव:, स्व: और मह: से ऊपर के लोकों का नाश नहीं होता बताया गया है।#प्रलय#ऊपर के लोक#लोक
प्रलयप्रलय में कौन से लोक नष्ट होते हैं?प्रलय में भू:, भुव:, स्व: और मह: लोक नष्ट होते हैं।#प्रलय#भू लोक#भुव लोक
ब्रह्मा कालब्रह्मा की आयु कितनी बताई गई है?ब्रह्मा की आयु दो परार्ध बताई गई है।#ब्रह्मा की आयु#दो परार्ध#ब्रह्मा
शिव तत्त्वमहेश्वर एक ही क्यों बताए गए हैं?असंख्य कल्प, पितामह और विष्णु उत्पन्न होते हैं, पर महेश्वर मात्र एक बताए गए हैं।#महेश्वर#असंख्य कल्प#ब्रह्मा
प्रलयसृष्टि और प्रलय का कारण क्या बताया गया है?गुणों की विषमता से सृष्टि और गुणों के साम्य से प्रलय बताया गया है; दोनों का हेतु महेश्वर हैं।#सृष्टि#प्रलय#गुण
प्रलयप्रलय के बाद क्या बचता है?प्रलय के बाद केवल प्रधान यानी प्रकृति और पुरुष रह जाते हैं।#प्रलय#प्रधान#प्रकृति
प्रलयमहाप्रलय में क्या होता है?महाप्रलय में सम्पूर्ण सृष्टि का लय हो जाता है और शिव की आज्ञा से प्रलय का भी प्रलय होता है।#महाप्रलय#सृष्टि लय#शिव आज्ञा
कल्प और मन्वन्तरब्रह्मा के तैंतीस कल्प कौन से हैं?ब्रह्मा के तैंतीस कल्पों में भवोद्भव से सर्वरूपक तक अनेक नाम गिनाए गए हैं।#तैंतीस कल्प#ब्रह्मा#कल्प नाम
देव कालरुद्र का एक दिन कितना बताया गया है?विष्णु के नौ हजार दिनों का समय कालात्मा रुद्र के एक दिन का समय कहा गया है।#रुद्र#रुद्र का दिन#विष्णु का दिन
देव कालविष्णु का एक दिन कितना बताया गया है?ब्रह्मा के एक हजार युग विष्णु के एक दिन के बराबर बताए गए हैं।#विष्णु#विष्णु का दिन#ब्रह्मा का युग
ब्रह्मा कालब्रह्मा का एक वर्ष कितना होता है?हजार कल्पों का काल ब्रह्माजी का एक वर्ष बताया गया है।#ब्रह्मा#ब्रह्म वर्ष#कल्प
कल्प और मन्वन्तरएक मन्वन्तर कितने वर्षों का होता है?मनुष्यवर्ष से तीस करोड़ सरसठ लाख बीस हजार वर्षों का काल मन्वन्तर के लिए बताया गया है।#मन्वन्तर#मनुष्य वर्ष#तीस करोड़
विशेष काल गणनाध्रुव वर्ष क्या होता है?मनुष्यों के नौ हजार नब्बे वर्ष मिलाकर एक ध्रुव वर्ष बताया गया है।#ध्रुव वर्ष#ध्रौव्य वर्ष#मनुष्य वर्ष
विशेष काल गणनासप्तर्षियों का एक वर्ष कितना होता है?मनुष्यों के तीन हजार तीस वर्ष सप्तर्षियों के एक वर्ष के बराबर माने गए हैं।#सप्तर्षि#सप्तर्षि वर्ष#मनुष्य वर्ष
देव कालदेवताओं का एक वर्ष कितना होता है?मनुष्यों के तीन सौ साठ वर्ष देवताओं के एक वर्ष के बराबर बताए गए हैं।#देवता#देव वर्ष#मनुष्य वर्ष
देव कालदेवताओं का एक महीना कितना होता है?मनुष्यों के तीस वर्ष का काल देवताओं के एक महीने के बराबर बताया गया है।#देवता#देव मास#मनुष्य वर्ष
देव कालदक्षिणायन देवताओं की रात क्यों कहा गया है?सूर्य का दक्षिण की ओर संक्रमण देवताओं की रात्रि कहा गया है।#दक्षिणायन#देवताओं की रात#सूर्य संक्रमण
देव कालउत्तरायण देवताओं का दिन क्यों कहा गया है?सूर्य का उत्तर की ओर संक्रमण देवताओं का दिवस कहा गया है।#उत्तरायण#देवताओं का दिन#सूर्य संक्रमण
पितृ कालपितरों का एक वर्ष कितना होता है?मनुष्यों के तीन सौ साठ महीनों का समय पितरों का एक संवत्सर माना गया है।#पितर#पितृ वर्ष#संवत्सर
पितृ कालपितरों का एक महीना कितना होता है?मनुष्यों के तीस महीने का समय पितरों के एक मास के बराबर माना गया है।#पितर#पितृ मास#मनुष्य महीना
पितृ कालपितरों का एक दिन कितना होता है?मनुष्यों का एक कृष्णपक्ष पितरों के एक दिन के बराबर बताया गया है।#पितर#कृष्णपक्ष#शुक्लपक्ष
सूक्ष्म काल गणनामनुष्यों का दिन कितने मुहूर्त का होता है?मनुष्यों का एक दिन पन्द्रह मुहूर्त का और एक रात भी पन्द्रह मुहूर्त की बताई गई है।#मनुष्य दिन#मुहूर्त#रात
सूक्ष्म काल गणनाकाष्ठा क्या होती है?स्वस्थ मनुष्य के नेत्र के पन्द्रह निमेष के समय को एक काष्ठा कहा गया है।#काष्ठा#निमेष#काल गणना
युग मानयुगों की संध्या और संध्यांश क्या होते हैं?युगों के आरंभ-अंत से जुड़े सन्ध्या और सन्ध्यांश के वर्ष बताए गए हैं, जैसे सत्ययुग में चार सौ-चार सौ वर्ष।#सन्ध्या#सन्ध्यांश#सत्ययुग
युग मानचतुर्युगी कितने वर्षों की होती है?सन्ध्या-सन्ध्यांश छोड़कर चारों युगों का काल छत्तीस लाख मानुषी वर्ष और सन्ध्यांश तीन लाख साठ हजार वर्ष बताया गया है।#चतुर्युगी#चार युग#युग मान
युग मानकलियुग कितने वर्ष का होता है?कलियुग का नियत समय एक हजार दिव्य वर्ष और मानुषी वर्ष से तीन लाख साठ हजार वर्ष बताया गया है।#कलियुग#युग मान#मानुष वर्ष
युग मानद्वापरयुग कितने वर्ष का होता है?द्वापरयुग का नियत समय दो हजार दिव्य वर्ष और मानुषी वर्ष से सात लाख बीस हजार वर्ष बताया गया है।#द्वापरयुग#युग मान#मानुष वर्ष
युग मानत्रेतायुग कितने वर्ष का होता है?त्रेतायुग का नियत समय तीन हजार दिव्य वर्ष और मानुषी वर्ष से दस लाख अस्सी हजार वर्ष बताया गया है।#त्रेतायुग#युग मान#मानुष वर्ष
युग मानसत्ययुग कितने वर्ष का होता है?सत्ययुग चार हजार दिव्य वर्षों का और मानुषी वर्ष से चौदह लाख चालीस हजार वर्षों का बताया गया है।#सत्ययुग#कृतयुग#दिव्य वर्ष
कल्प और मन्वन्तरएक कल्प में कितनी चतुर्युगी होती हैं?एक हजार चतुर्युगों का काल एक कल्प कहा गया है।#कल्प#चतुर्युगी#युग
कल्प और मन्वन्तरएक कल्प में कितने मनु होते हैं?एक हजार चतुर्युगी की अवधि में चौदह मनु उत्पन्न होते हैं।#कल्प#मनु#चतुर्युगी
ब्रह्मा कालब्रह्मा का दिन रात मनुष्यों जैसा क्यों नहीं है?ब्रह्मा का अहोरात्र उत्पत्ति और प्रलय से जुड़ा है, मनुष्यों की तरह सूर्योदय-सूर्यास्त वाला नहीं।#ब्रह्मा#अहोरात्र#सूर्योदय
ब्रह्मा कालब्रह्मा रात में क्या करते हैं?ब्रह्मा रात में प्रलय करते हैं और दिन की सृष्टि विलीन हो जाती है।#ब्रह्मा#रात#प्रलय
ब्रह्मा कालब्रह्मा दिन में क्या करते हैं?ब्रह्मा दिन में सृष्टि करते हैं और वैकारिक सृष्टि सहित देवता, प्रजापति और महर्षि विद्यमान रहते हैं।#ब्रह्मा#दिन#सृष्टि
ब्रह्मा कालब्रह्मा का दिन क्या होता है?ब्रह्मा की प्राकृत सृष्टि का समय ही उनका दिन बताया गया है।#ब्रह्मा#ब्रह्मा का दिन#कल्प