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श्रुति प्रश्नोत्तरी — 12 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित श्रुति विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 12 प्रश्न

शास्त्र ज्ञान

वेद और पुराण में क्या अंतर है?

वेद = श्रुति, अपौरुषेय, सर्वोच्च प्रमाण, मंत्रात्मक, कठिन। पुराण = स्मृति, व्यास-संकलित, वेद-ज्ञान को कथाओं में सरल करके प्रस्तुत। वेद सूत्र रूप में, पुराण विस्तार रूप में। पुराण वेद के पूरक हैं, प्रतिस्थापन नहीं। दोनों का एक-दूसरे के बिना पूर्ण बोध कठिन।

वेदपुराणश्रुति
वेद ज्ञान

वेद क्या हैं?

वेद = संस्कृत 'विद्' धातु से — अर्थ है ज्ञान। अपौरुषेय (ईश्वरप्रदत्त), मनुष्यरचित नहीं। ऋषियों ने सुना/देखा — इसीलिए 'श्रुति'। चार वेद: ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद। प्रत्येक में संहिता, ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद — चार भाग। सर्वोच्च प्रमाण।

वेदश्रुतिअपौरुषेय
दान और साधुधर्म

साधुधर्म क्या है?

श्रुति-स्मृति से विहित, वर्णाश्रम से सम्बद्ध और शिष्टाचार के अनुकूल धर्म साधुधर्म है।

साधुधर्मश्रुतिस्मृति
धर्म और आचार

धर्मज्ञ कौन होता है?

श्रुति-स्मृति में बताए गए वर्णाश्रम धर्म का ज्ञान रखने वाला व्यक्ति धर्मज्ञ कहलाता है।

धर्मज्ञवर्णाश्रम धर्मश्रुति
ऋषि संतति

अनसूया और अत्रि की संतान कौन थीं?

अनसूया और अत्रि से श्रुति तथा सत्यनेत्र, मुनिर्भव्य, मूर्तिराप, शनैश्चर और सोम उत्पन्न हुए।

अनसूयाअत्रिश्रुति
दक्ष वंश

अनसूया का विवाह किससे हुआ?

अनसूया का विवाह अत्रि से हुआ; उनसे एक कन्या श्रुति और पाँच आत्रेय पुत्र बताए गए हैं।

अनसूयाअत्रिआत्रेय
लोक

परोक्ष ज्ञान क्या होता है?

जो इंद्रियों से परे होकर श्रुति या आदेश से मिले, वह परोक्ष ज्ञान है।

परोक्ष ज्ञानतपश्रुति
नमः शिवाय मंत्र परिचय

नमः शिवाय को 'वेदों का सारतत्व' क्यों कहते हैं?

नमः शिवाय को वेदों का सारतत्व इसलिए कहते हैं क्योंकि यह कृष्ण और शुक्ल यजुर्वेद दोनों में विद्यमान है — यह अनादि वैदिक ज्ञान का हृदय और लौकिक-पारलौकिक सुख देने वाला मंत्रराज है।

वेदों का सारतत्वअनादि वैदिकश्रुति
उपनिषद परिचय

उपनिषद क्या हैं?

उपनिषद वेदों का दार्शनिक भाग है — गुरु के निकट बैठकर प्राप्त रहस्य ज्ञान। 108 उपनिषद हैं, 10 प्रमुख हैं। चार महावाक्य: 'प्रज्ञानं ब्रह्म', 'अहं ब्रह्मास्मि', 'तत्त्वमसि', 'अयमात्मा ब्रह्म'। सार: आत्मा और परमात्मा एक हैं — यही वेदांत का केंद्रीय सत्य है।

उपनिषदवेदांतब्रह्मज्ञान
वेद परिचय

वेद क्या हैं?

वेद हिंदू धर्म के सर्वोच्च अपौरुषेय (ईश्वरीय) ग्रंथ हैं — ऋग्वेद (देव स्तुति), यजुर्वेद (यज्ञ विधि), सामवेद (संगीत पूजा), अथर्ववेद (जीवन विज्ञान)। वेदव्यास ने इन्हें चार भागों में विभाजित किया। प्रत्येक वेद में संहिता, ब्राह्मण, आरण्यक और उपनिषद — चार भाग हैं।

वेदचार वेदश्रुति
वेद ज्ञान

हिंदू धर्म में वेदों का अध्ययन क्यों जरूरी है?

वेद सनातन धर्म का आधार और अपौरुषेय ज्ञान हैं। गीता (15/15) के अनुसार वेदों का एकमात्र लक्ष्य ब्रह्म-ज्ञान है। धर्म, संस्कार, यज्ञ और आध्यात्मिक जीवन — सबकी नींव वेदों में है।

वेदस्वाध्यायश्रुति
शास्त्र ज्ञान

श्रुति और स्मृति में क्या अंतर है?

श्रुति = ईश्वरीय, सर्वोच्च प्राधिकार, अपरिवर्तनीय (वेद, उपनिषद)। स्मृति = मनुष्य-रचित, श्रुति से कम प्राधिकार, परिवर्तनीय (स्मृति, पुराण, इतिहास)। विरोध हो तो श्रुति प्रमाण। गीता 'श्रुति-तुल्य' मानी जाती है।

श्रुतिस्मृतिवेद

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।