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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

चौपाई 7

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

अकथ अलौकिक तीरथराऊ । देइ सद्य फल प्रगट प्रभाऊ ॥

Akath alaukik tiratharaoo. Dei sadya phal pragat prabhaoo.

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

वह तीर्थराज अलौकिक और अकथनीय है, एवं तत्काल फल देनेवाला है; उसका प्रभाव प्रत्यक्ष है॥ ७ ॥

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

इस संत समाज रूपी तीर्थराज (प्रयाग) को अलौकिक और अकथनीय बताया गया है। इसका प्रभाव प्रत्यक्ष है और यह तत्काल फल देने वाला है।

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