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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

सोरठा 1

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

सो०—जो सुमिरत सिधि होइ गन नायक करिबर बदन। करउ अनुग्रह सोइ बुद्धि रासि सुभ गुन सदन॥ १ ॥

Jo sumirat sidhi hoi gan nayak karibar badan. Karau anugrah soi buddhi rasi subh gun sadan.

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जिन्हें स्मरण करनेसे सब कार्य सिद्ध होते हैं, जो गणोंके स्वामी और सुन्दर हाथीके मुखवाले हैं, वे ही बुद्धिके राशि और शुभ गुणोंके धाम (श्रीगणेशजी) मुझपर कृपा करें॥ १ ॥

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विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

मंगलाचरण के श्लोकों के बाद यह प्रथम सोरठा है, जिसमें श्री गणेश जी की वंदना की गई है। जिनके स्मरण मात्र से कार्य सिद्ध होते हैं, वे बुद्धि के सागर और शुभ गुणों के धाम गणेश जी मुझ पर कृपा करें।

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श्रीरामचरितमानस सोरठा 1 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik