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2 अप्रैल 2026

2 अप्रैल 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

2 अप्रैल 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा
नक्षत्र
हस्त
योग
ध्रुव
करण
बव
वार
गुरुवार
हिन्दू मास
चैत्र
ऋतु
वसन्त
सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
18:39

आज के पर्व

हनुमानहनुमानचैत्रIshti

2 अप्रैल 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

भय दूर करने के लिए कौन सा पाठ?

हनुमान चालीसा(सर्वश्रेष्ठ), बजरंग बाण(अत्यंत भय), महामृत्युंजय, गणपति अथर्वशीर्ष, दुर्गा कवच, नरसिंह कवच। सरल: 'जय हनुमान'। लगातार भय=चिकित्सक भी।

हनुमान जी का 'हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्' मंत्र

यह हनुमान जी का एक उग्र तांत्रिक 'अस्त्र मंत्र' है। इसका प्रयोग काले जादू, भूत-प्रेत और प्राणघातक शत्रुओं का तत्काल नाश कर अभेद्य सुरक्षा प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

हनुमान जी ने लंका क्यों जलाई — आध्यात्मिक अर्थ?

लंका=अहंकार(सोने का वैभव)। जलाना=अहंकार दहन। पूँछ=इंद्रियाँ। ज्ञान अग्नि=अज्ञान जलाती(गीता 4.37)। एक भक्त=पूरा साम्राज्य। भक्ति शक्ति=असीम।

मारुति स्तोत्र का पाठ भय निवारण के लिए कैसे करें?

मारुति स्तोत्र (रामदास) + चालीसा + बजरंग बाण। मंगलवार/शनिवार, सिंदूर+सरसों। रात भय: बजरंग बाण/चालीसा। शत्रु: नरसिंह+हनुमान। अकारण: 'ॐ हं हनुमते नमः' 108।

मंगल महादशा में क्या करना चाहिए?

7 वर्ष। हनुमान पूजा(मंगलवार), 'ॐ अं अंगारकाय' 108, मूंगा(ज्योतिषी), लाल वस्तु/मसूर/गुड़ दान, सुंदरकांड, क्रोध नियंत्रण(योग)। शुभ=भूमि/साहस/खेल। ऊर्जा=खेल/व्यायाम/सेवा में लगाएँ।

गुरु ग्रह मजबूत करने के गुरुवार उपाय?

विष्णु-लक्ष्मी पूजा, केला वृक्ष पूजा, 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' 108, हल्दी/चना/पीला/पुस्तक दान, गुरुवार व्रत, पुखराज(ज्योतिषी), पीले वस्त्र। ज्ञान बांटें+दान=गुरु प्रसन्न।

पूर्णिमा को कौन से काम शुभ?

पूर्णिमा=पूर्ण चंद्र। शुभ: सत्यनारायण, व्रत, दान, पूजा, गंगा स्नान, तीर्थ। गृहप्रवेश/विवाह कुछ में वर्जित। भक्ति+दान+साधना दिन।

मेघनाद ने हनुमान पर वैष्णवास्त्र चलाया तो क्या हुआ?

ब्रह्मा जी के वरदान के कारण हनुमान जी पर मेघनाद के वैष्णवास्त्र का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। दिव्य वरदान ने इस महाशक्तिशाली अस्त्र को भी निष्प्रभावी कर दिया।

महिलाएं हनुमान जी की पूजा करें या नहीं?

हाँ — शास्त्र: भक्ति में लिंग भेद नहीं। चालीसा/सुंदरकांड/बजरंग बाण/आरती=मान्य। हनुमान=महिलाओं में माता देखते। मूर्ति स्पर्श=परंपरा भिन्न। संकट में 'जय हनुमान'=सबका अधिकार।

शनिवार को हनुमान जी को तेल-सिंदूर चढ़ाने का विधान?

कथा: हनुमान जी ने राम की आयु बढ़ाने पूरे शरीर पर सिंदूर लगाया। विधि: नारंगी सिंदूर+चमेली तेल, दाहिने कंधे का तिलक। मंगल/शनिवार। शनि ने वचन दिया — हनुमान भक्तों को कष्ट नहीं।

किम्पुरुष वर्ष में हनुमान जी क्या करते हैं?

किम्पुरुष वर्ष (हिमालय और हेमकूट के बीच) में हनुमान जी अन्य किम्पुरुषों के साथ भगवान श्रीराम की निरंतर आराधना और कीर्तन करते हैं।

नागपाश से राम और लक्ष्मण कैसे मुक्त हुए

हनुमानजी ने जाना कि केवल गरुड़ ही नागपाश तोड़ सकते हैं। उन्होंने गरुड़ को लाया जिन्होंने चोंच से सभी नागों को काटकर नागपाश तोड़ा और राम-लक्ष्मण को मुक्त किया।

चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में पूजा का क्या अंतर है?

चैत्र: वसंत, नववर्ष, सौम्य देवी, राम नवमी। शारदीय: शरद, उग्र देवी, दशहरा/रावण दहन, बंगाल दुर्गा पूजा। पूजा विधि समान — घटस्थापना, 9 दिन, सप्तशती।

हल्दी तिलक कब लगाना शुभ है

हल्दी तिलक गुरुवार को, मांगलिक कार्यों के आरंभ में, गणेश-लक्ष्मी पूजन में और विवाह-संस्कार में विशेष रूप से शुभ है। यह बृहस्पति ग्रह को बल देता है और मंगलाचरण का प्रतीक है।

गुरुवार को कौन से काम शुभ?

गुरुवार=बृहस्पति(ज्ञान/धन)। सबसे शुभ — विवाह, गृहप्रवेश, शिक्षा, पूजा, सोना खरीद, दान। सत्यनारायण कथा। कोई वर्जना नहीं।

हनुमान जी को सिंदूर क्यों चढ़ाते — कथा?

सीता: 'राम आयु हेतु सिंदूर।' हनुमान: 'चुटकी=लाभ, तो पूरा शरीर=राम अमर!' पूरे शरीर पर लगाया। इसलिए मूर्ति सिंदूर लेपित। नारंगी सिंदूर+चमेली तेल(मंगलवार)। भोलेपन+परम भक्ति।

देवी की पूजा पूर्णिमा को करें या अमावस्या को?

सौम्य (लक्ष्मी/सरस्वती) = पूर्णिमा। उग्र (काली/छिन्नमस्ता) = अमावस्या। सर्वोत्तम = अष्टमी/नवमी। नवरात्रि 9 दिन। दीपावली अमावस्या = काली+लक्ष्मी दोनों।

इंद्र ने हनुमान को क्या वरदान दिया?

इंद्र ने हनुमान को वरदान दिया कि भविष्य में उनका वज्र हनुमान को कभी कोई हानि नहीं पहुँचाएगा और हनुमान सभी देवों से अजेय रहेंगे।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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