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10 अक्टूबर 2026

10 अक्टूबर 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

10 अक्टूबर 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण अमावस्या
नक्षत्र
हस्त
योग
ऐन्द्र
करण
चतुष्पद
वार
शनिवार
हिन्दू मास
भाद्रपद
ऋतु
वर्षा
सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
17:57

आज के पर्व

अमावस्याअमावस्याAnvadhanअमावस्या

10 अक्टूबर 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

तंत्र साधना में काली रात का क्या महत्व है?

अमावस्या = काली शक्ति सर्वोच्च, तामसिक ऊर्जा (उग्र देवी), गोपनीय, मन शून्य (चंद्र अनुपस्थित)। दीपावली = काली+लक्ष्मी। सौम्य = पूर्णिमा। उन्नत — गुरु।

शनिवार को हनुमान जी को तेल-सिंदूर चढ़ाने का विधान?

कथा: हनुमान जी ने राम की आयु बढ़ाने पूरे शरीर पर सिंदूर लगाया। विधि: नारंगी सिंदूर+चमेली तेल, दाहिने कंधे का तिलक। मंगल/शनिवार। शनि ने वचन दिया — हनुमान भक्तों को कष्ट नहीं।

शनि शांति के लिए शनिवार उपाय?

पीपल तेल दीपक+परिक्रमा, 'ॐ शं शनैश्चराय' 108, तिल/तेल/लोहा/कंबल दान, छाया दान, कौवा रोटी, गरीब सेवा, शनि चालीसा। ईमानदारी+मेहनत+सेवा=सबसे बड़ा उपाय।

तंत्र साधना में अमावस्या क्यों विशेष मानी जाती है?

अमावस्या = सबसे अंधेरी रात = शक्ति स्रोत (काली)। चंद्र=मन शून्य → अंतर्मुखी ध्यान। सूक्ष्म ऊर्जा तीव्र। पितृ तिथि। काली/भैरव साधना विशेष। सात्विक (तर्पण/ध्यान) = सभी। तामसिक = दीक्षित।

शनिवार को लोहे की चीजें खरीदना शुभ है या अशुभ?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार को लोहा खरीदना अशुभ है — लोहा शनिदेव का कारक है। शनिवार को लोहे का दान करना शुभ है। बाध्यता में खरीदें तो तुरंत घर अंदर न लाएँ। इस विषय पर मत भिन्नता है।

काली पूजा में रात को दीपदान का क्या महत्व है?

अंधकार→प्रकाश = अज्ञान नाश। अमावस्या + दीपक = काली कृपा। 'तमसो मा ज्योतिर्गमय।' काली = बाहर अंधकार, भीतर ज्योति। 14 दीपक, सरसों तेल/घी, चारों कोनों + द्वार।

देवी की पूजा पूर्णिमा को करें या अमावस्या को?

सौम्य (लक्ष्मी/सरस्वती) = पूर्णिमा। उग्र (काली/छिन्नमस्ता) = अमावस्या। सर्वोत्तम = अष्टमी/नवमी। नवरात्रि 9 दिन। दीपावली अमावस्या = काली+लक्ष्मी दोनों।

अमावस्या पर तर्पण कैसे करें?

अमावस्या = पितरों का विशेष दिन। सूर्योदय से पहले स्नान, दक्षिण मुख, तिल-जल तर्पण (3 पीढ़ी)। कौवे+गाय को भोजन। पीपल जल। सात्विक भोजन। सोमवती/मौनी अमावस्या विशेष।

शिव पूजा में अमावस्या और पूर्णिमा में कौन सा दिन श्रेष्ठ है?

अमावस्या > पूर्णिमा (शिव = संहारक, अंधकार)। किन्तु सर्वश्रेष्ठ = चतुर्दशी (शिवरात्रि)। पूर्णिमा: गुरु पूर्णिमा (शिव=आदि गुरु), श्रावण पूर्णिमा शुभ। शिव = काल से परे — कोई भी तिथि शुभ।

गजाच्छाया योग कब बनता है?

हस्त, मघा और त्रयोदशी/अमावस्या संयोग पर।

गजाच्छाया योग क्या है?

हस्त सूर्य, मघा चन्द्र और त्रयोदशी/अमावस्या का योग।

बाल्यावस्था में मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

त्रयोदशी या अमावस्या को।

सूतक के बाद अष्टमी श्राद्ध कब करें?

सूतक बाद उचित उपलब्ध तिथि पर।

पूर्णिमा श्राद्ध छूट जाए तो क्या करें?

अष्टमी, द्वादशी या अमावस्या पर कर सकते हैं।

राक्षसों को निशाचर क्यों कहा जाता है?

राक्षसों की शक्ति रात, विशेषकर अमावस्या में बढ़ती है और वे रात में विचरण करते हैं, इसलिए उन्हें निशाचर कहा जाता है।

कलश स्थापना कब नहीं करनी चाहिए?

कलश स्थापना वर्जित है: चित्रा नक्षत्र में, वैधृति योग में, रात्रि के अंधकार में, अमावस्या तिथि में (क्षीण चंद्रमा देवी के सत्वगुण आवाह्न के अनुकूल नहीं) और राहुकाल में।

किस दिन गाड़ी नहीं खरीदनी चाहिए?

गाड़ी नहीं खरीदनी चाहिए: अमावस्या, चतुर्थी (4), नवमी (9), चतुर्दशी (14) पर। राहुकाल में कोई भी शुभ कार्य न करें। भद्रा और पंचक दोष से भी बचें — खासकर लोहे से बने वाहन के लिए।

हरतालिका तीज व्रत क्या है?

हरतालिका तीज = भाद्रपद शुक्ल तृतीया, निर्जला व्रत। कथा: हिमालय ने विष्णु से विवाह तय किया → पार्वती दुखी → सखी ने हरण कर जंगल ले गई → पार्वती ने बालू का शिवलिंग बनाकर रात भर जागरण किया → शिव प्रकट हुए और पत्नी स्वीकार किया।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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10 अक्टूबर 2026 — आज का पंचांग और प्रश्नोत्तर — 18