ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

प्रह्लाद से जुड़े सभी प्रश्न(16)

प्रह्लाद पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 16 प्रश्न उपलब्ध हैं।

नाम महिमा एवं भक्ति

प्रह्लाद ने नारायण नाम से कैसे बचे अग्नि से

श्रीमद्भागवत के सातवें स्कंध में वर्णित है कि नारायण-नाम के जप से प्रह्लाद पर जहर, हाथी, पहाड़ और अग्नि का असर नहीं हुआ। होलिका अग्नि में जल गई परंतु नाम-जपते प्रह्लाद सुरक्षित रहे। यह कथा नाम-भक्ति की सर्वोच्च शक्ति का प्रमाण है।

#प्रह्लाद#नारायण नाम#अग्नि परीक्षा
लोक

हरि वर्ष में प्रह्लाद भगवान नृसिंह से क्या माँगते हैं?

हरि वर्ष में प्रह्लाद जी भगवान नृसिंह से अंतःकरण की शुद्धि, मृत्यु-भय से निर्भयता, संसार-आसक्ति से मुक्ति और भक्तों के संग की प्रार्थना करते हैं।

#हरि वर्ष#प्रह्लाद#नृसिंह
लोक

हिरण्यकशिपु कौन था और उसका वध कैसे हुआ?

हिरण्यकशिपु जय का असुर जन्म था, जिसे प्रह्लाद की रक्षा के लिए नृसिंह भगवान ने मारा।

#हिरण्यकशिपु#नृसिंह#प्रह्लाद
लोक

हिरण्यकशिपु को नृसिंह भगवान ने क्यों मारा?

प्रह्लाद की रक्षा और अधर्म के नाश के लिए नृसिंह भगवान ने हिरण्यकशिपु को मारा।

#हिरण्यकशिपु#नृसिंह अवतार#प्रह्लाद
लोक

रसातल का राजा कौन है?

रसातल का कोई एक राजा नहीं है; यह पणि, निवातकवच और कालेय जैसे स्वतंत्र असुर कबीलों का लोक है।

#रसातल राजा#अधिपति#असुर कबीले
लोक

सुतल लोक में वैष्णव भक्ति कैसे बनी रहती है?

सुतल में वैष्णव भक्ति बलि, प्रह्लाद जी और भगवान वामन की प्रत्यक्ष उपस्थिति से निरंतर बनी रहती है।

#सुतल भक्ति#वैष्णव परंपरा#प्रह्लाद
लोक

प्रह्लाद जी और राजा बलि का क्या संबंध है?

प्रह्लाद जी राजा बलि के पितामह हैं। बलि विरोचन के पुत्र और प्रह्लाद के पौत्र हैं।

#प्रह्लाद#राजा बलि#विरोचन
लोक

सुतल लोक में प्रह्लाद जी क्यों गए?

प्रह्लाद जी बलि को आशीर्वाद देने और भगवान विष्णु के निर्देश से अपने पौत्र के साथ सुतल लोक में रहने गए।

#प्रह्लाद#सुतल लोक#राजा बलि
लोक

सुतल लोक में भगवान विष्णु के दर्शन किसे होते हैं?

सुतल लोक में महाराजा बलि और प्रह्लाद जी को भगवान विष्णु के नित्य दर्शन प्राप्त होते हैं।

#सुतल दर्शन#भगवान विष्णु#राजा बलि
लोक

राजा बलि कौन थे?

राजा बलि विरोचन के पुत्र और भक्त प्रह्लाद के पौत्र थे। वे दैत्य कुल में जन्मे, लेकिन सत्यवादी, दानवीर और महान भगवद-भक्त थे।

#राजा बलि#महाराजा बलि#प्रह्लाद
भक्ति, मंत्र और उपासना

नवधा भक्ति क्या है?

नवधा भक्ति (प्रह्लाद द्वारा हिरण्यकशिपु को उपदेश): (1) श्रवण, (2) कीर्तन, (3) स्मरण, (4) पादसेवन, (5) अर्चन, (6) वंदन, (7) दास्य, (8) सख्य, (9) आत्मनिवेदन। सर्वोच्च = आत्मनिवेदन (पूर्ण समर्पण)।

#नवधा भक्ति#प्रह्लाद#नौ विधाएं
भक्ति एवं आध्यात्म

नवधा भक्ति के नौ प्रकार क्या हैं?

नवधा भक्ति के नौ प्रकार हैं — श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पाद-सेवन, अर्चन, वंदन, दास्य, सख्य और आत्मनिवेदन। भागवत पुराण (7.5.23-25) में प्रह्लाद ने और रामचरितमानस में श्रीराम ने शबरी को इनका उपदेश दिया। इनमें से किसी एक को भी सच्चे भाव से अपनाने से मोक्ष संभव है।

#नवधा भक्ति#भागवत पुराण#प्रह्लाद
पौराणिक कथा

भक्त प्रह्लाद की कथा से क्या शिक्षा

शिक्षा: सच्ची भक्ति सर्वशक्तिमान (5 वर्ष के बालक ने भगवान प्रकट किए)। अहंकार का विनाश निश्चित। भगवान सर्वव्यापी (खंभे में भी)। संकट में भी धर्म न छोड़ो। प्रह्लाद ने नवधा भक्ति (भागवत 7.5.23) का सिद्धांत दिया।

#प्रह्लाद#नरसिंह#भक्ति
त्योहार पूजा

होली पर होलिका दहन में परिक्रमा क्यों करते हैं?

होलिका परिक्रमा: प्रह्लाद भक्ति का सम्मान, अग्नि साक्षी रखकर बुराई त्याग संकल्प, पाप दहन, नवीन फसल अर्पण (कृतज्ञता), रक्षा कामना, सामुदायिक एकता। 3/5/7 दक्षिणावर्त परिक्रमा। जल-अक्षत-पुष्प अर्पित।

#होलिका परिक्रमा#होली अग्नि#प्रह्लाद
त्योहार पूजा

होली पर होलिका दहन की विधि क्या है?

होलिका दहन: फाल्गुन पूर्णिमा संध्या → भद्रा रहित मुहूर्त → होलिका पूजन (जल, रोली, अक्षत, नई फसल) → 3-7 परिक्रमा → अग्नि प्रज्वलन → गेहूँ बालियाँ भूनें → प्रसाद। कथा: प्रह्लाद बचे, होलिका जली — बुराई पर अच्छाई की जीत।

#होलिका दहन#होली#फाल्गुन पूर्णिमा
पौराणिक शिक्षाएँ

भागवत में प्रह्लाद की कथा से क्या संदेश मिलता है?

प्रह्लाद से शिक्षाएँ: ईश्वर सर्वत्र हैं; भक्ति सबसे बड़ा कवच है; सत्य के मार्ग पर अडिग रहें; निष्काम भक्ति में ईश्वर स्वयं रक्षक बनते हैं। सत्य की विजय अवश्य होती है।

#प्रह्लाद#भागवत#नरसिंह
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।