ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
क्या है

साधना क्या है?(17)

साधना का अर्थसाधना क्या है?साधना का महत्व
सरल उत्तर

सर्वोच्च तांत्रिक साधना — ललिता/त्रिपुर सुंदरी। प्रमुख यंत्र: श्री चक्र (यंत्र राज) — 9 त्रिकोण, 9 आवरण, बिंदु=ललिता। पंचदशाक्षरी मंत्र। गुरु अनिवार्य। शंकराचार्य प्रचारक।

स्रोत प्रश्न: श्री विद्या साधना क्या है और इसमें कौन सा यंत्र प्रमुख है? →
श्री विद्या

श्री विद्या साधना क्या है और इसमें कौन सा यंत्र प्रमुख है?

सर्वोच्च तांत्रिक साधना — ललिता/त्रिपुर सुंदरी। प्रमुख यंत्र: श्री चक्र (यंत्र राज) — 9 त्रिकोण, 9 आवरण, बिंदु=ललिता। पंचदशाक्षरी मंत्र। गुरु अनिवार्य। शंकराचार्य प्रचारक।

#श्री विद्या#साधना#श्री चक्र
दशमहाविद्या

षोडशी त्रिपुर सुंदरी की साधना विधि क्या है?

ललिता/राजराजेश्वरी। 16 कलाएं। गुरु दीक्षा अनिवार्य। श्री चक्र + 'ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः'। पंचदशाक्षरी (15 अक्षर) = गुरु से। ललिता सहस्रनाम। धन+मोक्ष दोनों।

#षोडशी#त्रिपुर सुंदरी#ललिता
मंत्र विधि

लिखित जप क्या होता है और इसकी विधि क्या है?

लिखित जप = मंत्र बार-बार लिखना। विशेष पुस्तिका, शुद्ध हाथ, लाल/काली स्याही, स्पष्ट अक्षर, मन में उच्चारण सहित। तीन इन्द्रियां सक्रिय (हाथ+आंख+मन) = अधिक एकाग्रता। राम नाम कोटि लिखित जप प्रसिद्ध। भरी पुस्तिका = नदी विसर्जन।

#लिखित जप#लेखन#मंत्र
श्रीमद्भागवत

वेद पढ़ने का अंतिम उद्देश्य क्या है?

नारदजी कहते हैं कि तपस्या, वेदाध्ययन, यज्ञ, स्वाध्याय, ज्ञान और दान का अविचल उद्देश्य कृष्ण के गुणों का वर्णन है।

#वेद#वेदाध्ययन#कृष्ण गुण
पाठ से पूर्व विधान

विनियोग क्या होता है?

विनियोग वह प्रारंभिक घोषणा है जिसके द्वारा साधक मंत्र शक्ति को अपने विशिष्ट उद्देश्य की ओर निर्देशित करता है — यह साधना का मानसिक इंजन है, इसके बिना पाठ दिशाहीन रहता है।

#विनियोग#मंत्र शक्ति#उद्देश्य निर्देशन
साधना मार्ग

नाद ध्यान क्या है?

नाद ध्यान में भीतरी सूक्ष्म ध्वनि (अनाहत नाद) को सुनकर ध्यान गहरा किया जाता है। दोनों कान बंद कर एकाग्र होने पर पहले झनझनाहट, फिर शंख-मृदंग और अंततः ओंकार की दिव्य ध्वनि सुनाई देती है। 'नादब्रह्म' — नाद ही ब्रह्म है।

#नाद ध्यान#अनाहत नाद#नाद योग
काली तंत्र

काली तंत्र साधना क्या है?

काली तंत्र: काली = दस महाविद्याओं में प्रथम। उद्देश्य: महाशक्ति से एकता, मृत्यु-भय निवारण, शत्रु रक्षा, मोक्ष। विशेषता: निर्भयता अनिवार्य। मंत्र: 'ॐ क्रीं काल्यै नमः।' नवार्ण: 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।' अमावस्या रात्रि — सर्वश्रेष्ठ।

#काली#तंत्र#महाविद्या
तंत्र परिचय

तंत्र और मंत्र में क्या अंतर है?

मंत्र = पवित्र ध्वनि (तंत्र का एक अंग)। तंत्र = सम्पूर्ण साधना प्रणाली जिसमें मंत्र + यंत्र + क्रिया तीनों शामिल हैं। केवल 'ॐ नमः शिवाय' जपना = मंत्र साधना; शिव यंत्र + मंत्र + हवन + अभिषेक = तंत्र साधना।

#तंत्र मंत्र अंतर#परिभाषा#यंत्र
जप विधि

मंत्र जप की सही विधि क्या है?

मंत्र जप से पूर्व स्नान, शांत स्थान, कुश आसन, पूर्व मुख, संकल्प और गुरु स्मरण करें। माला को अनामिका और अंगूठे से पकड़ें, तर्जनी न लगाएं। मानसिक जप सर्वोत्तम है। जप के बाद माला सिर से लगाकर देवता को अर्पित करें।

#मंत्र जप#विधि#साधना
साधना विधि

महामृत्युंजय मंत्र जप की विधि क्या है?

कुश आसन पर पूर्व/उत्तर दिशा में बैठकर, रुद्राक्ष माला से, शिव का ध्यान करते हुए महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। तर्जनी से माला न स्पर्श करें। जप के बाद दशांश हवन करें।

#महामृत्युंजय जप#विधि#साधना
ध्यान साधना

ध्यान क्या होता है और इसे कैसे करें?

ध्यान वह अवस्था है जिसमें चित्त बिना भटके एक विषय पर टिका रहे (योगसूत्र 3/2)। विधि — शांत स्थान, सीधा आसन, श्वास-साधना, फिर ओम्/इष्टदेव/श्वास पर एकाग्रता। गीता (6/15) के अनुसार नियमित ध्यान से परम शांति और निर्वाण मिलता है।

#ध्यान#परिभाषा#विधि
शास्त्र ज्ञान

उपनिषद में साधना का महत्व क्या है?

उपनिषदों में साधना का मूल मार्ग है — श्रवण → मनन → निदिध्यासन (बृहदारण्यक 4/4/22)। साधन-चतुष्टय — विवेक, वैराग्य, षट्सम्पत्ति और मुमुक्षुत्व — वेदांत साधना के चार अनिवार्य अंग हैं। छान्दोग्य (7/26) — आहार-शुद्धि से मन-शुद्धि और मन-शुद्धि से ब्रह्म-साक्षात्कार।

#साधना#उपनिषद#श्रवण
वेद ज्ञान

वेदों में साधना का महत्व क्या है?

वेदों में साधना के रूप हैं — स्वाध्याय, उपासना, यज्ञ, ब्रह्मचर्य और मंत्र-जप। तैत्तिरीय उपनिषद (1/9) में स्वाध्याय-प्रवचन को अनिवार्य साधना बताया गया है। वैदिक साधना का लक्ष्य बाह्य अनुष्ठान नहीं — ब्रह्म-साक्षात्कार है।

#साधना#वेद#उपासना
वेद ज्ञान

वेदों में मंत्रों का महत्व क्या है?

वेदों में मंत्र नाद-ब्रह्म का स्वरूप हैं — शाश्वत ध्वनि-शक्ति जो देवताओं को आकर्षित करती और चित्त को शुद्ध करती है। गायत्री मंत्र (ऋग्वेद 3/62/10) 'वेद-माता' है। ॐ ब्रह्मांड की आदि-ध्वनि और ब्रह्म का प्रथम प्रकटीकरण है।

#मंत्र#वेद#गायत्री
हिंदू धर्म दर्शन

हिंदू धर्म में मंत्र का महत्व क्या है?

हिंदू धर्म में मंत्र का अर्थ है मन को एकाग्र करने वाली दिव्य ध्वनि। ऋग्वेद में 10,552 मंत्र हैं। 'ॐ' सबसे मूल मंत्र है। गीता (10/25) में श्रीकृष्ण ने कहा — 'यज्ञानां जपयज्ञोऽस्मि' — सभी यज्ञों में जपयज्ञ मैं हूँ।

#मंत्र#जप#ध्वनि
साधना विज्ञान

साधना क्या है?

साधना का अर्थ है किसी आध्यात्मिक लक्ष्य की प्राप्ति के लिए नियमित अभ्यास। इसके चार मूल प्रकार हैं — मंत्र, तंत्र, यंत्र और योग साधना। साधना के लिए गुरु दीक्षा, श्रद्धा, नियमितता और सात्विक आचरण आवश्यक है।

#साधना#सिद्धि#आध्यात्मिक अभ्यास
दशमहाविद्या

दस महाविद्याओं के नाम और उनकी साधना का क्रम क्या है?

10 नाम: काली→तारा→षोडशी→भुवनेश्वरी→छिन्नमस्ता→भैरवी→धूमावती→बगलामुखी→मातंगी→कमला। काली कुल: काली/तारा/भुवनेश्वरी/छिन्नमस्ता। श्री कुल: शेष 6। उग्र/सौम्य/सौम्य-उग्र 3 श्रेणी।

#दस महाविद्या#नाम#क्रम
और क्या है
अन्य शब्दों के क्या है

सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के क्या है।

साधना टैग
साधना पर सम्पूर्ण संग्रह

सभी साधना सम्बन्धित प्रश्नोत्तर एक स्थान पर।