विस्तृत उत्तर
यदि गुरु और चन्द्रमा दोनों द्विस्वभाव राशियों में रहकर एक-दूसरे से केंद्र (1, 4, 7, 10) में आ जाएं, तो नल योग के साथ-साथ एक महान 'गजकेसरी योग' भी बन जाता है। यह व्यक्ति को समाज में अत्यधिक प्रतिष्ठित, महान विद्वान, बेहतरीन वक्ता और शासन में उच्च पद प्राप्त करने वाला लीडर बना देता है।





