विस्तृत उत्तर
सूर्य देव ब्रह्मांड के ऊर्जा स्रोत हैं और ज्योतिष में उन्हें आत्मा, आत्मविश्वास (Self-confidence), और मान-सम्मान का कारक माना गया है। जिन लोगों में हीन भावना (Inferiority complex) हो या आत्मविश्वास की कमी हो, उन्हें सूर्य देव की उपासना करनी चाहिए।
आत्मविश्वास बढ़ाने का सबसे श्रेष्ठ मंत्र 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' या 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' (सूर्य बीज मंत्र) है। प्रतिदिन प्रातःकाल सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से सूर्य को अर्घ्य देते हुए इन मंत्रों का उच्चारण करना चाहिए। सूर्य की किरणों के समक्ष खड़े होकर रीढ़ की हड्डी सीधी रखकर इस मंत्र का जप करने से व्यक्ति का आभामंडल सूर्य के समान तेजवान हो जाता है, नेतृत्व क्षमता (Leadership) बढ़ती है और जीवन में स्पष्टता आती है।





