विस्तृत उत्तर
महाकाली ने भीषण गर्जना करते हुए राक्षसों की सेना पर आक्रमण कर दिया। उन्होंने हाथियों, अश्वों, रथों और सारथियों को उठाकर सीधे अपने विशाल मुख में डालना और चबाना प्रारंभ कर दिया। क्षण मात्र में महाकाली ने त्राहि-त्राहि मचा दी।
अपनी सेना का यह संहार देखकर चंड और मुंड महाकाली की ओर दौड़े। मुंड ने देवी पर बाणों की वर्षा की, परंतु वे बाण देवी के मुख में ऐसे समा गए जैसे सूर्य की किरणें बादलों में समा जाती हैं।
महाकाली ने क्रोधित होकर चंड के केश पकड़ लिए और अपनी विशाल तलवार से उसका मस्तक काट डाला। चंड का वध होते देख मुंड झपटा, तो देवी ने उसका भी वध कर दिया।
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