विस्तृत उत्तर
चंड और मुंड के कटे हुए मस्तक लेकर जब महाकाली माँ अंबिका (दुर्गा) के पास पहुँचीं, तो देवी अंबिका ने मुस्कुराते हुए कहा:
यस्माच्चण्डं च मुण्डं च गृहीत्वा त्वमुपागता। चामुण्डेति ततो लोके ख्याता देवी भविष्यसि॥
अर्थात, 'हे देवी! चूँकि तुम चंड और मुंड का वध करके उन्हें मेरे पास लेकर आई हो, इसलिए आज से इस संसार में तुम्हारी ख्याति 'चामुंडा' के नाम से होगी।'





