विस्तृत उत्तर
ध्यान और योग में संबंध अंग-अंगी का है — ध्यान, योग का एक अंग है।
पतञ्जलि योगसूत्र के अनुसार
पतञ्जलि ने अष्टांग योग में योग को 8 अंगों में विभाजित किया है:
- 1यम, 2. नियम, 3. आसन, 4. प्राणायाम, 5. प्रत्याहार, 6. धारणा, 7. ध्यान, 8. समाधि
ध्यान इस क्रम का सातवाँ अंग है।
मुख्य अंतर
| विषय | योग | ध्यान |
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| परिभाषा | चित्त वृत्तियों का निरोध (यो.सू. 1.2) | एक विषय पर अखंड एकाग्रता (यो.सू. 3.2) |
| व्यापकता | संपूर्ण जीवनशैली | एक विशिष्ट अभ्यास |
| अंग | 8 अंग | योग का 7वाँ अंग |
| लक्ष्य | मोक्ष/कैवल्य | मन की स्थिरता → समाधि |
भगवद्गीता (6.19): 'यथा दीपो निवातस्थो नेंगते सोपमा स्मृता। योगिनो यतचित्तस्य युञ्जतो योगमात्मनः।' — ध्यानी का मन निर्वात दीपक की लौ जैसा स्थिर रहता है।
सरल शब्दों में: योग एक विस्तृत आध्यात्मिक विज्ञान है; ध्यान उसका सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण अभ्यास है।





