विस्तृत उत्तर
पाठ का एक विशिष्ट अनुक्रम (Sequence) है, जिसमें मूल ७०० श्लोकों के पूर्व और पश्चात कुछ अन्य स्तोत्रों का पाठ किया जाता है, जिसे 'नवंग' या 'त्रयंग' पाठ कहा जाता है। यह क्रम निम्नलिखित है:
१. देवी सूक्तम् (Devi Suktam)
२. देवी कवचम् (Devi Kavacham — शारीरिक और आध्यात्मिक रक्षा हेतु)
३. अर्गला स्तोत्रम् (Argala Stotram — मार्ग की बाधाओं के निवारण हेतु)
४. कीलकम् (Keelakam — शापित मंत्रों के उत्कीलन अर्थात उन्हें जाग्रत करने हेतु)
५. रात्रि सूक्तम् (Ratri Suktam)
६. मूल सप्तशती पाठ (अध्याय १ से १३ तक)
७. क्षमा प्रार्थना (Kshama Prarthana)





