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दुर्गा साधना📜 तंत्र शास्त्र, शाक्त परंपरा1 मिनट पठन

दुर्गा यंत्र स्थापना की विधि और लाभ क्या हैं?

संक्षिप्त उत्तर

नवरात्रि/अष्टमी स्थापन। गंगाजल शुद्धि → 108 जप अभिमंत्रण → लाल कपड़ा पूर्व दिशा → लाल पुष्प+सिंदूर → दीपक। लाभ: शत्रु नाश, गृह शांति, वास्तु, कानूनी विजय।

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विस्तृत उत्तर

दुर्गा यंत्र = देवी दुर्गा की शक्ति का ज्यामितीय प्रतीक:

स्थापना विधि

  1. 1नवरात्रि/अष्टमी/मंगलवार/शुक्रवार शुभ।
  2. 2गंगाजल/कच्चे दूध से शुद्ध करें।
  3. 3लाल कपड़े पर स्थापित — पूर्व/उत्तर दिशा।
  4. 4'ॐ दुं दुर्गायै नमः' 108 बार जपकर अभिमंत्रित।
  5. 5लाल पुष्प, सिंदूर, अक्षत अर्पित।
  6. 6दीपक + धूप + नैवेद्य।
  7. 7प्रतिदिन पूजा — दीपक + मंत्र जप।

लाभ

  • शत्रु बाधा निवारण।
  • नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा।
  • गृह शांति, वास्तु दोष निवारण।
  • न्यायालय/कानूनी विवाद में विजय।
  • सर्वकामना पूर्ति।
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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, शाक्त परंपरा
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