विस्तृत उत्तर
भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं — वे बाधाएँ हरते हैं। परंतु जब पूजा-विधान में कमी हो या जीवन में आलस्य और अज्ञान का वातावरण हो तो उनकी कृपा दूर हो सकती है।
जीवन में संकेत — हर काम में अकारण विघ्न आए, शुभ कार्यों का शुभारंभ भी बिगड़े, परीक्षा-व्यापार-रिश्तों में बार-बार बाधा आए — यह संकेत है कि विघ्नहर्ता की कृपा कम हो रही है।
पूजा में संकेत — गणेश-पूजन में मन न लगे, बुधवार और चतुर्थी को पूजा करने की इच्छा न हो — यह भी एक संकेत है।
शास्त्रीय कारण — गणेश पूजा में गलती जैसे तुलसी चढ़ाना, टूटे दाँत वाली मूर्ति की पूजा, या पूजा में अन्यमनस्कता — ये गणेश-विधान के उल्लंघन हैं जिनसे पूजा का फल नहीं मिलता।
सुधार — 'ॐ गं गणपतये नमः' का 108 बार जप, दूर्वा और मोदक अर्पण, बुधवार को विधिपूर्वक पूजन, और क्षमायाचना से गणेश जी पुनः प्रसन्न होते हैं।





