ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
श्राद्ध विधि📜 गया महात्म्य, पितृ कर्म विधान2 मिनट पठन

गया में पिंडदान कैसे करें — पूरी विधि?

संक्षिप्त उत्तर

विष्णुपद मंदिर + फल्गु नदी पर पिंडदान। पिंड: जौ आटा+तिल+शहद+गंगाजल। गया पुरोहित (पंडा) से करवाएँ। पुत्र/पौत्र/भाई कर सकते हैं। पितृ पक्ष सर्वोत्तम। विश्वसनीय पुरोहित चुनें।

📖

विस्तृत उत्तर

गया में पिंडदान एक विस्तृत अनुष्ठान है — योग्य पंडित (गया पुरोहित) से करवाएँ।

संक्षिप्त विधि

  1. 1तैयारी: गया पहुँचकर स्नान, शुद्ध वस्त्र। श्रद्धा भाव।
  2. 2गया पुरोहित (पंडा) से संपर्क — वे विधि बताएँगे और करवाएँगे।
  3. 3संकल्प — पितरों के नाम + गोत्र + तर्पण का संकल्प लें।
  4. 4विष्णुपद मंदिर — सबसे पहले विष्णुपद में पिंडदान।
  5. 5फल्गु नदी तट — नदी तट पर पिंड अर्पित करें।
  6. 6पिंड: जौ का आटा + तिल + शहद + गंगाजल मिलाकर गोल पिंड बनाएँ।
  7. 7तर्पण मंत्र सहित पिंड अर्पित करें।
  8. 8पंचवटी, अक्षयवट आदि स्थानों पर भी पिंडदान।
  9. 9ब्राह्मण भोजन + दक्षिणा।
  10. 10कुल 7-17 दिन का विधान (संक्षिप्त 1-3 दिन भी)।

कौन कर सकता है: पुत्र (सबसे उत्तम), पौत्र, भाई, भतीजा। महिला भी कर सकती है (संतानहीन विधवा)।

कब: पितृ पक्ष सर्वोत्तम। अमावस्या, एकादशी, संक्रांति भी शुभ। वर्ष भर किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण: गया में कई अनधिकृत पंडा भी हैं — विश्वसनीय पुरोहित से ही करवाएँ।

📜
शास्त्रीय स्रोत
गया महात्म्य, पितृ कर्म विधान
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

गया पिंडदान विधिविष्णुपदफल्गु

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

गया में पिंडदान कैसे करें — पूरी विधि — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको श्राद्ध विधि से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर गया महात्म्य, पितृ कर्म विधान पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।