विस्तृत उत्तर
हर हर महादेव और ॐ नमः शिवाय — दोनों भगवान शिव की भक्ति से जुड़े हैं, परंतु इनकी प्रकृति, उपयोग और अर्थ में स्पष्ट अंतर है।
ॐ नमः शिवाय एक शास्त्रोक्त वैदिक मंत्र है जिसे पंचाक्षरी मंत्र कहते हैं — 'न', 'मः', 'शि', 'वा', 'य' — ये पाँच अक्षर पाँच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) के प्रतीक माने गए हैं। यह मंत्र श्री रुद्रम् और रुद्राष्टाध्यायी में वर्णित है जो कृष्ण और शुक्ल यजुर्वेद के अंग हैं। इसका अर्थ है 'शिव को नमस्कार' अर्थात उस मंगलकारी, कल्याणकारी परम सत्ता को प्रणाम। यह साधना, ध्यान, पूजन, जप और आराधना का मंत्र है।
हर हर महादेव एक जयघोष है जो भक्तों के उत्साह और श्रद्धा की अभिव्यक्ति है। 'हर' भगवान शिव का एक नाम है जिसका अर्थ है 'पापों और दुखों को हरने वाला।' 'महादेव' का अर्थ है 'देवों में महान।' इसलिए 'हर हर महादेव' का भाव है — 'जो सब हर लेते हैं वह महान देव जय हों।' यह काशी में विशेष रूप से प्रचलित है और तीर्थ-स्थलों पर शैव भक्तों के मध्य बोला जाता है।
संक्षेप में — ॐ नमः शिवाय एक वैदिक मंत्र है जो जप और साधना के लिए है, हर हर महादेव एक जयघोष है जो भक्ति की उमंग और शिव-महिमा की घोषणा है।





