ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
माँ लक्ष्मी परिचय और शब्द व्युत्पत्ति⏱ 2 मिनट पठन

लक्ष्मी को 'साक्षिणी' क्यों कहते हैं?

लक्ष्मी तंत्र श्लोक: 'साक्षिणी सर्वभूतानां लक्षयामि शुभाशुभम्' — देवी कहती हैं कि मैं सब जीवों के पुण्य और पाप देखने वाली साक्षिणी हूँ।

संक्षिप्त उत्तर

लक्ष्मी तंत्र श्लोक: 'साक्षिणी सर्वभूतानां लक्षयामि शुभाशुभम्' — देवी कहती हैं कि मैं सब जीवों के पुण्य और पाप देखने वाली साक्षिणी हूँ। कर्म दूषित होने पर वे तत्काल उस स्थान से विमुख हो जाती हैं।

📖

विस्तृत उत्तर

लक्ष्मी तंत्र और वैदिक शास्त्रों के एक अत्यंत गूढ़ एवं सुंदर श्लोक में देवी अपने नाम का अर्थ और अपनी भूमिका को स्वयं स्पष्ट करती हैं:

साक्षिणी सर्वभूतानां लक्षयामि शुभाशुभम्। लक्ष्मी चास्मि हरे नित्यं लक्ष्यं सर्वमतेरहम्।।

इस श्लोक का अर्थ अत्यंत गंभीर है। देवी कहती हैं कि मैं सब जीवों की साक्षिणी हूँ, अर्थात् मैं सबको देखने वाली हूँ। मैं समस्त प्राणियों के पुण्य और पाप देखती हूँ। मैं नित्य रूप से हरि (विष्णु) की लक्ष्मी हूँ और मैं सारे ज्ञान तथा मति का एकमात्र लक्ष्य हूँ।

इस विवेचन से यह स्पष्ट होता है कि लक्ष्मी केवल अंधाधुंध धन प्रदान करने वाली कोई तटस्थ शक्ति नहीं हैं, बल्कि वे मानव के कर्मों (शुभ और अशुभ) का अत्यंत सूक्ष्म निरीक्षण करने वाली 'साक्षिणी' हैं। मनुष्य के जीवन में धन या ऐश्वर्य का आगमन उसके शुभ कर्मों का परिणाम है, और यदि वह कर्म दूषित हो जाए, तो साक्षिणी के रूप में लक्ष्मी तत्काल उस स्थान से विमुख हो जाती हैं।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

लक्ष्मी को 'साक्षिणी' क्यों कहते हैं को संदर्भ सहित समझें

लक्ष्मी को 'साक्षिणी' क्यों कहते हैं का सबसे सीधा सार यह है: लक्ष्मी तंत्र श्लोक: 'साक्षिणी सर्वभूतानां लक्षयामि शुभाशुभम्' — देवी कहती हैं कि मैं सब जीवों के पुण्य और पाप देखने वाली साक्षिणी हूँ। कर्म दूषित होने पर वे...

माँ लक्ष्मी परिचय और शब्द व्युत्पत्ति जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।

•

उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।

•

माँ लक्ष्मी परिचय और शब्द व्युत्पत्ति श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

•

यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।

माँ लक्ष्मी परिचय और शब्द व्युत्पत्ति प्रश्नोत्तर
🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

साक्षिणीपुण्य पापशुभ अशुभलक्ष्मी तंत्र
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

लक्ष्मी को 'साक्षिणी' क्यों कहते हैं — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको माँ लक्ष्मी परिचय और शब्द व्युत्पत्ति से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#साक्षिणी#पुण्य पाप#शुभ अशुभ#लक्ष्मी तंत्र