विस्तृत उत्तर
मंदिर में पहने जाने वाले वस्त्रों का रंग शास्त्र, सम्प्रदाय, और देवता के अनुसार भिन्न हो सकता है।
सामान्य शुभ रंग
1सफेद
सर्वाधिक शुभ — शुद्धता, सात्विकता, और पवित्रता का प्रतीक। सभी मंदिरों में सर्वमान्य।
2पीला/केसरिया
अत्यन्त शुभ — विष्णु, कृष्ण, हनुमान, देवी मंदिरों में विशेष। बृहस्पति का रंग — ज्ञान और समृद्धि।
3लाल
देवी मंदिरों (दुर्गा, काली, लक्ष्मी) और हनुमान मंदिर में विशेष शुभ। शक्ति और सौभाग्य का प्रतीक।
4हरा
बुध ग्रह से सम्बंधित — बुधवार को विशेष। कुछ मंदिरों में शुभ।
5भगवा/गेरुआ
सन्यास और त्याग का प्रतीक — शिव मंदिरों में उत्तम।
देवता-विशिष्ट रंग
| देवता | शुभ रंग |
|---|---|
| शिव | सफेद, भगवा, हल्का नीला |
| विष्णु/कृष्ण | पीला, सफेद, पीताम्बर |
| हनुमान | लाल, केसरिया |
| दुर्गा/देवी | लाल, गुलाबी, केसरिया |
| लक्ष्मी | गुलाबी, लाल, पीला |
| गणेश | लाल, पीला, हरा |
| सूर्य | लाल, केसरिया |
| सरस्वती | सफेद, पीला |
वार-विशिष्ट रंग (ज्योतिष अनुसार)
- ▸रविवार — लाल/गुलाबी
- ▸सोमवार — सफेद/क्रीम
- ▸मंगलवार — लाल/केसरिया
- ▸बुधवार — हरा
- ▸गुरुवार — पीला
- ▸शुक्रवार — सफेद/गुलाबी
- ▸शनिवार — काला/नीला/बैंगनी (कुछ मतों में विवादित)
सामान्य नियम
- ▸स्वच्छ और अनफटे वस्त्र पहनें
- ▸अत्यधिक भड़कीले या अंग प्रदर्शक वस्त्र से बचें
- ▸धोती-कुर्ता (पुरुष) और साड़ी/सूट (स्त्री) — पारम्परिक रूप से श्रेष्ठ
- ▸चमड़े के वस्त्र (जैकेट आदि) से बचें





