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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — 13772 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13772 प्रश्न

श्रीमद्भागवत

पांडवों ने गंगा में तर्पण क्यों किया?

पांडवों ने युद्ध में मरे हुए अपने स्वजनों को जलांजलि देने और उनका स्मरण करने के लिए गंगा में तर्पण किया।

गंगा तर्पणपांडवमहाभारत
श्रीमद्भागवत

महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने क्या किया?

युद्ध के बाद पांडव कृष्ण के साथ गंगा तट गए, मरे हुए स्वजनों को जलांजलि दी, विलाप किया और गंगाजल में स्नान किया।

महाभारत युद्धपांडवगंगा तर्पण
श्रीमद्भागवत

पांडव वंश को बचाने की कथा क्या है?

पांडव वंश को कृष्ण ने बचाया; उन्होंने अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से उत्तरा के गर्भ की रक्षा की।

पांडव वंशपरीक्षितउत्तरा
श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा ब्रह्मास्त्र और परीक्षित की कथा क्या है?

अश्वत्थामा ने पांडव वंश मिटाने के लिए ब्रह्मास्त्र छोड़ा, लेकिन कृष्ण ने उत्तरा के गर्भ में परीक्षित की रक्षा कर दी।

अश्वत्थामा ब्रह्मास्त्रपरीक्षितउत्तरा
श्रीमद्भागवत

कृष्ण ने परीक्षित को गर्भ में कैसे बचाया?

कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से भक्तों की रक्षा की और उत्तरा के गर्भ को अपनी माया के कवच से ढककर परीक्षित को बचाया।

कृष्णपरीक्षितउत्तरा
श्रीमद्भागवत

परीक्षित गर्भ में कैसे बचे?

परीक्षित कृष्ण की कृपा से बचे; कृष्ण ने उत्तरा के गर्भ को अपनी माया के कवच से ढक दिया और ब्रह्मास्त्र शांत हो गया।

परीक्षितगर्भ रक्षाकृष्ण
श्रीमद्भागवत

परीक्षित की जन्म कथा क्या है?

परीक्षित की पूरी जन्म-घटना नहीं, बल्कि जन्म से पहले गर्भ में उनकी रक्षा की कथा आती है।

परीक्षित जन्म कथाउत्तरा गर्भअश्वत्थामा ब्रह्मास्त्र
श्रीमद्भागवत

परीक्षित कौन थे?

परीक्षित उत्तरा के गर्भ में वह बालक थे जिनकी रक्षा कृष्ण ने अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से की, ताकि पांडव वंश बना रहे।

परीक्षितउत्तराकृष्ण
तत्पुरुष फल

पुनर्जन्म के बंधन से कैसे छूटा जा सकता है?

नियतात्मा, ध्यानपरायण और जितेन्द्रिय होकर महेश्वर की शरण लेने से साधक पुनर्भव के बंधन से छूटता है।

पुनर्जन्मपुनर्भवमुक्ति
तत्पुरुष फल

महादेव में प्रविष्ट होने का क्या अर्थ बताया गया है?

महादेव में प्रविष्ट होना पापमुक्त, शुद्धात्मा और ब्रह्मतेजसम्पन्न होकर पुनर्भव के बंधन से छूटने से जुड़ा है।

महादेव में प्रविष्टपुनर्भव मुक्तिशिवप्राप्ति
तत्पुरुष फल

ध्यान और इन्द्रिय संयम से पाप कैसे दूर होते हैं?

नियतात्मा, ध्यानपरायण और जितेन्द्रिय होकर महेश्वर की शरण लेने से सभी पाप दूर होते हैं।

ध्यानइन्द्रिय संयमजितेन्द्रिय
तत्पुरुष फल

महेश्वर की शरण लेने से क्या फल मिलता है?

नियतात्मा, ध्यानपरायण और जितेन्द्रिय होकर महेश्वर की शरण लेने वाले पापों से मुक्त होकर महादेव में प्रविष्ट होते हैं।

महेश्वर शरणपाप मुक्तिशुद्धात्मा
महादेव का वर

महादेव ने ब्रह्मा को कौन-कौन से वर दिए?

महादेव ने ब्रह्मा को दिव्य योग, महान् कीर्ति, ऐश्वर्य, ज्ञानसम्पदा और वैराग्य प्रदान किया।

महादेवब्रह्मादिव्य योग
रौद्री गायत्री

रौद्री गायत्री को ज्ञानदायिनी और विद्यास्वरूपिणी क्यों कहा गया है?

रौद्री गायत्री को वेदप्रतिपादित, ज्ञानदायिनी, विद्यास्वरूपिणी और लोकवन्द्या महादेवी कहा गया है।

रौद्री गायत्रीज्ञानदायिनीविद्यास्वरूपिणी
रौद्री गायत्री

रौद्री गायत्री क्या है?

रौद्री गायत्री वेदप्रतिपादित, ज्ञानदायिनी, विद्यास्वरूपिणी और लोकवन्द्या महादेवी धेनु के रूप में बताई गई है।

रौद्री गायत्रीधेनुज्ञानदायिनी
महेश्वरी धेनु

महेश्वर ने धेनु को ब्राह्मणों के कल्याण के लिए क्या बनाया?

महेश्वर ने धेनु को रुद्राणी और ब्राह्मणों के कल्याण के लिये परमार्थसाधिका बनाया।

धेनुब्राह्मण कल्याणपरमार्थसाधिका
महेश्वरी धेनु

रुद्राणी किसे कहा गया है?

महादेव ने महेश्वरी धेनु से कहा कि तुम रुद्राणी होगी और ब्राह्मणों के कल्याण के लिये परमार्थसाधिका बनोगी।

रुद्राणीमहेश्वरी धेनुमहादेव
महेश्वरी धेनु

मति, बुद्धि और स्मृति का संबंध महेश्वरी गाय से कैसे बताया गया है?

महादेव ने उस महेश्वरी धेनु की महिमा गाते हुए कहा कि तुम मति हो, बुद्धि हो और स्मृति हो।

मतिबुद्धिस्मृति
महेश्वरी धेनु

महेश्वरी गाय का स्वरूप कैसा बताया गया है?

महेश्वरी गाय चार पैरों, चार मुखों, चार हाथों, चार स्तनों, चार नेत्रों, चार सींगों, चार दाढ़ों और बत्तीस गुणों से युक्त बताई गई है।

महेश्वरी गायविश्वरूपाचार पैर
महेश्वरी धेनु

महेश्वर के मुख से निकली गाय कौन थी?

महेश्वर के मुख से निकली गाय विश्वरूपा, महेश्वरस्वरूपिणी, ईश्वररूपिणी धेनु थी, जिसे आगे रौद्री गायत्री रूप में बताया गया।

महेश्वरी गायधेनुरौद्री गायत्री
पीतवासा कल्प

पीतवासा कल्प में शिव का कौन सा रूप प्रकट हुआ?

पीतवासा कल्प में शिव पीतवस्त्रधारी महातेजस्वी कुमार और तत्पुरुष महादेव रूप से प्रकट बताए गए हैं।

पीतवासा कल्पतत्पुरुषपीतवस्त्रधारी कुमार
पीतवासा कल्प

पीतवासा कल्प क्या है?

पीतवासा कल्प इकतीसवाँ कल्प बताया गया है, जिसमें ब्रह्मा ने पीला वस्त्र धारण किया था।

पीतवासा कल्पकल्पब्रह्मा
तत्पुरुष रूप

शिव का पीला रूप कैसा बताया गया है?

शिव का पीला रूप पीतवस्त्र, पीत माला, पीत गन्ध, पीली पगड़ी और हेमवर्ण यज्ञोपवीत से सुशोभित बताया गया है।

पीला रूपपीतवस्त्रपीत माला
तत्पुरुष महिमा

तत्पुरुष शिव कौन हैं?

तत्पुरुष शिव पीतवासा कल्प में पीतवस्त्रधारी परमेश्वर रूप से प्रकट हुए महादेव हैं।

तत्पुरुषशिवमहादेव

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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