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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — 13772 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13772 प्रश्न

वामदेव फल

रुद्रलोक को वापस न आने वाला स्थान क्यों बताया गया है?

रुद्रलोक ऐसा स्थान बताया गया है जहाँ से जीव का पुनः संसार में आगमन नहीं होता।

रुद्रलोकपुनरागमन नहींवामदेव
वामदेव फल

वामदेव शिव की भक्ति से पाप कैसे दूर होते हैं?

परमेश्वरपरायण होकर समाधि से वामदेव का ध्यान करने वाले भक्त विमल आत्मा और ब्रह्मनिष्ठ होकर पाप से छूटते हैं।

वामदेव भक्तिपाप मुक्तिसमाधि
वामदेव फल

वामदेव शिव का ध्यान करने से क्या फल मिलता है?

वामदेव शिव का समाधि से ध्यान करने वाले भक्त पाप से छूटकर रुद्रलोक प्राप्त करते हैं।

वामदेव ध्यानशिव भक्तिपाप मुक्ति
वामदेव कुमार

वामदेव के चार कुमार अंत में किसमें लीन हुए?

चारों कुमार सम्पूर्ण धर्म का उपदेश करके अंत में शाश्वत महादेव रुद्र में समाविष्ट हो गए।

चार कुमारवामदेवमहादेव रुद्र
वामदेव कुमार

वामदेव से उत्पन्न चार कुमार कैसे थे?

वे विशुद्ध आत्मा, ब्रह्मतेज से सम्पन्न, ब्रह्मनिष्ठ, ब्रह्मातुल्य, वीर, अध्यवसायी और रक्तवर्ण वस्त्र-माला से विभूषित थे।

चार कुमारविरजाविबाहु
वामदेव कुमार

विरजा, विबाहु, विशोक और विश्वभावन कौन थे?

विरजा, विबाहु, विशोक और विश्वभावन ब्रह्मा के चार कुमार थे, जो विशुद्ध आत्मा और ब्रह्मतेज से सम्पन्न बताए गए हैं।

विरजाविबाहुविशोक
ब्रह्मा और वामदेव

ब्रह्मा को कल्प-कल्प में परमेश्वर को जानने का वर कैसे मिला?

ब्रह्मा ने ध्यान और परम भक्ति से वामदेव शिव का स्तवन किया, इसलिए उन्हें कल्प-कल्प में परमेश्वर को जानने का वर मिला।

ब्रह्माकल्प-कल्पपरमेश्वर
ब्रह्मा और वामदेव

वामदेव शिव ने ब्रह्मा को क्या वर दिया?

वामदेव शिव ने ब्रह्मा से कहा कि वे ध्यानबल से कल्प-कल्प में उन्हें सर्वश्रेष्ठ और लोकाधार परमेश्वर रूप में जानेंगे।

वामदेवब्रह्मावर
वामदेव स्तुति

वामदेवाय मंत्र का क्या महत्व बताया गया है?

वामदेवाय मन्त्र को ब्रह्म कहा गया है और ब्रह्मा ने उसे पूर्व में लगाकर परम भक्ति से शिव की स्तुति की।

वामदेवाय मंत्रवामदेवशिव स्तुति
वामदेव स्तुति

वामदेव शिव की स्तुति कैसे की गई?

ब्रह्मा ने परम भक्ति से ब्रह्म अर्थात् वामदेवाय मन्त्र को पूर्व में लगाकर अनेक स्तुतियों से वामदेव शिव का स्तवन किया।

वामदेव स्तुतिब्रह्मावामदेवाय मंत्र
ब्रह्मा और वामदेव

ब्रह्मा को ध्यान में लाल कुमार के रूप में कौन दिखाई दिए?

ब्रह्मा को ध्यान में लाल कुमार के रूप में वामदेव शिव दिखाई दिए, जिन्हें उन्होंने साक्षात् देवेश्वर जाना।

ब्रह्माध्यानलाल कुमार
वामदेव रूप

रक्तकल्प क्या है और इसमें शिव का कौन सा रूप प्रकट हुआ?

रक्तकल्प तीसवाँ कल्प बताया गया है, जिसमें शिव वामदेव रूप से रक्तवर्ण कुमार के रूप में प्रकट हुए।

रक्तकल्पवामदेवशिव रूप
वामदेव रूप

वामदेव शिव का लाल रूप कैसा बताया गया है?

वामदेव शिव लाल कुमार के रूप में बताए गए हैं, जिनके भूषण, माला, वस्त्र और नेत्र रक्तवर्ण के थे।

वामदेवलाल रूपरक्तवर्ण
वामदेव महिमा

वामदेव शिव कौन हैं?

वामदेव शिव रक्तकल्प में लाल कुमार के रूप में प्रकट हुए परमेश्वर हैं, जिन्हें ब्रह्मा ने साक्षात् देवेश्वर और ब्रह्मस्वरूप जाना।

वामदेवशिवमहादेव
श्रीमद्भागवत

पांडवों ने युद्ध के बाद अंतिम संस्कार कैसे किया?

अश्वत्थामा को दंड देने के बाद पांडवों ने कृष्णा द्रौपदी के साथ मृत भाई-बंधुओं की दाह आदि अंतिम क्रियाएँ कीं।

पांडवअंतिम संस्कारद्रौपदी पुत्र
श्रीमद्भागवत

द्रौपदी और अश्वत्थामा की कथा क्या है?

अश्वत्थामा ने द्रौपदी के पुत्रों को मारा, पर बँधा हुआ लाए जाने पर द्रौपदी ने गुरु-पुत्र और ब्राह्मण समझकर उसे छोड़ने को कहा।

द्रौपदीअश्वत्थामाकृपी
श्रीमद्भागवत

कृष्ण ने अश्वत्थामा को क्या दंड दिलाया?

कृष्ण ने अर्जुन से आततायी को दंड देने और पतित ब्राह्मण का वध न करने, दोनों आदेश निभाने को कहा; अंत में अश्वत्थामा की मणि छीनकर उसे निकाल दिया गया।

कृष्णअश्वत्थामा दंडअर्जुन
श्रीमद्भागवत

ब्राह्मण को मृत्युदंड क्यों नहीं दिया गया?

अश्वत्थामा गुरु-पुत्र और ब्राह्मण था; इसलिए शारीरिक वध के स्थान पर मणि छीनना, सिर मूँड़ना और निकाल देना दंड माना गया।

ब्राह्मण दंडअश्वत्थामाद्रौपदी
श्रीमद्भागवत

आततायी का मतलब क्या है?

आततायी वह है जो घोर हिंसक अपराध करे; टिप्पणी में आग लगाने वाला, विष देने वाला, हथियार लेकर हमला करने वाला आदि छह प्रकार बताए गए हैं।

आततायीधर्मअश्वत्थामा
श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा की मणि क्यों निकाली गई?

अश्वत्थामा की मणि दंड के रूप में निकाली गई, जिससे उसका तेज छिन गया और अर्जुन की प्रतिज्ञा भी पूरी हुई।

अश्वत्थामा मणिअश्वत्थामा दंडअर्जुन
श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा को क्या सजा मिली?

अश्वत्थामा की मणि बालों सहित काट ली गई, उसका तेज छिन गया, बंधन खोलकर उसे शिविर से बाहर निकाल दिया गया।

अश्वत्थामा दंडअश्वत्थामा मणिकृष्ण
श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा को कैसे पकड़ा गया?

अर्जुन ने कृष्ण को सारथि बनाकर अश्वत्थामा का पीछा किया, ब्रह्मास्त्र का संकट शांत किया और फिर उसे पशु की तरह बाँध लिया।

अश्वत्थामाअर्जुनकृष्ण
श्रीमद्भागवत

कृष्ण ने अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र के बारे में क्या कहा?

कृष्ण ने अर्जुन से कहा कि यह अश्वत्थामा का ब्रह्मास्त्र है; वह इसे लौटाना नहीं जानता और इसका निवारण ब्रह्मास्त्र से ही होगा।

कृष्णअश्वत्थामाब्रह्मास्त्र
श्रीमद्भागवत

अर्जुन और अश्वत्थामा की ब्रह्मास्त्र कथा क्या है?

अश्वत्थामा ने भय में ब्रह्मास्त्र चलाया; कृष्ण के कहने पर अर्जुन ने ब्रह्मास्त्र से उसका निवारण किया और फिर अश्वत्थामा को बाँध लिया।

अर्जुनअश्वत्थामाब्रह्मास्त्र

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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