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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — 13772 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13772 प्रश्न

श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा ब्रह्मास्त्र वापस क्यों नहीं ले पाया?

श्रीमद्भागवत के अनुसार अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र तो चला दिया, लेकिन उसे लौटाने की विधि वह नहीं जानता था।

अश्वत्थामाब्रह्मास्त्रकृष्ण
श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र क्यों चलाया?

अश्वत्थामा ने अर्जुन को अपनी ओर आते देखा, अपने को असहाय पाया और प्राण बचाने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया।

अश्वत्थामाब्रह्मास्त्रअर्जुन
श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा का ब्रह्मास्त्र क्या था?

अश्वत्थामा का ब्रह्मास्त्र ऐसा प्रचंड अस्त्र बताया गया है जिसका तेज सब दिशाओं में फैल गया और जिसे वह लौटाना नहीं जानता था।

अश्वत्थामा ब्रह्मास्त्रब्रह्मास्त्रकृष्ण
श्रीमद्भागवत

द्रौपदी के पुत्रों की हत्या कैसे हुई?

द्रौपदी के पुत्र सो रहे थे; अश्वत्थामा ने उनके सिर काटकर दुर्योधन को भेंट किए।

द्रौपदी पुत्रहत्याअश्वत्थामा
श्रीमद्भागवत

द्रौपदी के पांच पुत्रों को किसने मारा?

द्रौपदी के पांच पुत्रों को द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ने सोते समय मार डाला।

द्रौपदी पुत्रअश्वत्थामाउपपांडव
श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा ने द्रौपदी के पुत्रों को क्यों मारा?

अश्वत्थामा ने दुर्योधन का प्रिय कार्य समझकर द्रौपदी के सोते हुए पुत्रों को मारा, पर यह कर्म दुर्योधन को भी अप्रिय लगा।

अश्वत्थामाद्रौपदी पुत्रदुर्योधन
श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा की कथा क्या है?

अश्वत्थामा ने द्रौपदी के सोए हुए पुत्रों की हत्या की, ब्रह्मास्त्र चलाया, अर्जुन ने उसे पकड़ा और अंत में उसकी मणि निकालकर उसे शिविर से बाहर किया गया।

अश्वत्थामाद्रौपदी पुत्रब्रह्मास्त्र
श्रीमद्भागवत

भागवत से शोक मोह भय कैसे मिटते हैं?

भागवत में बताया गया भक्ति-योग जीव को माया से उत्पन्न भ्रम से हटाता है, इसलिए शोक, मोह और भय मिटते हैं।

शोक मोह भयभागवतभक्ति योग
श्रीमद्भागवत

भागवत सुनने से क्या लाभ होता है?

श्रीमद्भागवत सुनने से श्रीकृष्ण के प्रति प्रेममयी भक्ति उत्पन्न होती है और शोक, मोह तथा भय दूर होते हैं।

भागवत श्रवणभक्तिशोक मोह भय
श्रीमद्भागवत

शुकदेव जी ने भागवत क्यों सीखी?

शुकदेवजी आत्माराम और निवृत्तिपरायण थे, फिर भी भगवान हरि के गुण इतने मधुर हैं कि उन्होंने भागवत का अध्ययन किया।

शुकदेवआत्मारामभागवत
श्रीमद्भागवत

वेदव्यास ने भागवत किसे सुनाई?

वेदव्यासजी ने श्रीमद्भागवत संहिता अपने निवृत्तिपरायण पुत्र शुकदेवजी को पढ़ाई।

वेदव्यासशुकदेवभागवत संहिता
श्रीमद्भागवत

श्रीमद्भागवत की रचना कैसे हुई?

व्यासजी ने भक्ति-योग से परमात्मा और उनकी माया को देखा, जीवों के अनर्थ का उपाय समझा और श्रीमद्भागवत की रचना की।

श्रीमद्भागवतवेदव्यासभक्ति योग
सद्योजात फल

रुद्रलोक कैसे प्राप्त होता है?

प्राणायामपरायण होकर ब्रह्मतत्परचित्त से विश्वेश्वरदेव की शरण लेने वाले विष्णुलोक को भी पार कर रुद्रलोक जाते हैं।

रुद्रलोकविष्णुलोकप्राणायाम
सद्योजात फल

शिव की भक्ति और प्राणायाम से पाप कैसे दूर होते हैं?

प्राणायामपरायण और ब्रह्मतत्परचित्त होकर विश्वेश्वरदेव की शरण लेने से पापों से मुक्ति मिलती है।

शिव भक्तिप्राणायामपाप मुक्ति
सद्योजात फल

सद्योजात शिव की शरण लेने से क्या फल मिलता है?

प्राणायामपरायण होकर ब्रह्मतत्परचित्त से सद्योजात की शरण लेने वाले पापों से मुक्त, विमल आत्मा और ब्रह्मज्ञानी हो जाते हैं।

सद्योजातशरणागतिपाप मुक्ति
सद्योजात शिष्य

श्वेत मुनि को हर क्यों कहा गया?

श्वेत मुनि सद्योजात से उत्पन्न हुए, इसलिए उनका नाम हर भी बताया गया।

श्वेत मुनिहरसद्योजात
सद्योजात शिष्य

श्वेत मुनि कौन थे?

श्वेत मुनि श्वेत आभा वाले महातेजस्वी मुनि थे, जो सद्योजात से उत्पन्न हुए।

श्वेत मुनिहरसद्योजात
सद्योजात शिष्य

सुनन्द, नन्दन, विश्वनन्द और उपनन्दन कौन हैं?

ये सद्योजात ब्रह्म के समीप प्रकट हुए चार श्वेतवर्ण, महायशस्वी और सेवापरायण शिष्य थे।

सुनन्दनन्दनविश्वनन्द
सद्योजात शिष्य

सद्योजात शिव के चार शिष्य कौन थे?

सद्योजात शिव के समीप सुनन्द, नन्दन, विश्वनन्द और उपनन्दन नामक चार श्वेतवर्ण शिष्य प्रकट हुए।

सद्योजातचार शिष्यसुनन्द
ब्रह्मा और सद्योजात

ब्रह्मा ने सद्योजात शिव को परमेश्वर कैसे माना?

ब्रह्मा ने ध्यानयोग से सद्योजात कुमार को साक्षात् परमेश्वर जाना, प्रणाम किया और परात्पर ब्रह्म माना।

ब्रह्मासद्योजातपरमेश्वर
सद्योजात महिमा

शिव का श्वेतलोहित रूप क्या है?

शिव का श्वेतलोहित रूप शिखाधारी श्वेतलोहित कुमार के रूप में प्रकट हुआ, जिसे ब्रह्मा ने परमेश्वर जाना।

श्वेतलोहितसद्योजातकुमार
ब्रह्मा और सद्योजात

ब्रह्मा ने शिव को कुमार रूप में कैसे देखा?

ब्रह्मा समाधिस्थ होकर परमेश्वर का ध्यान कर रहे थे, तभी उन्होंने शिखाधारी श्वेतलोहित कुमार को देखा।

ब्रह्माकुमार रूपसद्योजात
सद्योजात महिमा

सद्योजात रूप में शिव कैसे प्रकट हुए?

जब ब्रह्मा समाधि में परमेश्वर का ध्यान कर रहे थे, तब शिखाधारी श्वेतलोहित कुमार प्रकट हुआ, जिसे सद्योजात माना गया।

सद्योजातशिव प्रकटश्वेतलोहित कुमार
सद्योजात महिमा

सद्योजात शिव कौन हैं?

सद्योजात शिव को ब्रह्मा ने श्वेतलोहित कुमार रूप में देखा और साक्षात् परमेश्वर तथा परात्पर ब्रह्म जाना।

सद्योजातशिवमहेश्वर

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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