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श्रीलिङ्गमहापुराण प्रश्नोत्तरी — 578 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित श्रीलिङ्गमहापुराण विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 578 प्रश्न

सर्ग

वृक्षादि सृष्टि में क्या-क्या आता है?

वृक्षादि सृष्टि में वृक्ष, गुल्म, लता, वीरुध् और तृणरूप पाँच प्रकार का सर्ग आता है।

वृक्षादि सृष्टिवृक्षगुल्म
सर्ग

मुख्य सर्ग क्या है?

मुख्य सर्ग वृक्षादि सृष्टि है, जिसमें वृक्ष, गुल्म, लता, वीरुध् और तृणरूप सर्ग बताए गए हैं।

मुख्य सर्गवृक्षगुल्म
अविद्या

ब्रह्मा की पहली सृष्टि अविद्या से ग्रस्त क्यों कही गई?

पहली सृष्टि अविद्या से ग्रस्त कही गई क्योंकि सृष्टि-विचार सम्यक विचार के बिना हुआ और ब्रह्मा को मोह ने व्याप्त कर लिया।

ब्रह्मापहली सृष्टिअविद्या
अविद्या

तम, मोह, महामोह, तामिस्र और अन्धतामिस्र का अर्थ क्या है?

तम का अर्थ अज्ञान, महामोह का अर्थ भोगेच्छा, तामिस्र का अर्थ क्रोध और अन्धतामिस्र का अर्थ अभिनिवेश बताया गया है।

तममोहमहामोह
अविद्या

अविद्या के पांच प्रकार कौन से हैं?

अविद्या के पांच प्रकार तम, मोह, महामोह, तामिस्र और अन्धतामिस्र बताए गए हैं।

अविद्यातममोह
अविद्या

पंचपर्वा अविद्या क्या है?

पंचपर्वा अविद्या वे पांच अविद्याएँ हैं जो ब्रह्मा से पहले उत्पन्न हुईं: तम, मोह, महामोह, तामिस्र और अन्धतामिस्र।

पंचपर्वा अविद्याअविद्यातम
सृष्टि आरम्भ

ब्रह्मा ने भू भुव स्व मह लोकों की रचना कैसे की?

पृथ्वी को पुनः व्यवस्थित करने के बाद ब्रह्मा ने भू आदि चार लोकों की पूर्ववत् रचना की।

भूभुवस्व
सृष्टि आरम्भ

पृथ्वी को फिर से कैसे स्थापित किया गया?

ब्रह्मा ने पृथ्वी को निकालकर पूर्ववत् स्थापित किया, नदी-समुद्र बनाए और दबे-उठे भागों को समतल किया।

पृथ्वी स्थापनाब्रह्मावाराह
सृष्टि आरम्भ

जल में डूबी पृथ्वी को किसने निकाला?

जल में डूबी पृथ्वी को सनातन ब्रह्मा ने वाराह रूप धारण करके निकाला।

पृथ्वीजलब्रह्मा
सृष्टि आरम्भ

ब्रह्मा ने वाराह रूप क्यों धारण किया?

ब्रह्मा ने जल में डूबी पृथ्वी को निकालकर फिर से स्थापित करने के लिए वाराह रूप धारण किया।

ब्रह्मावाराह रूपपृथ्वी उद्धार
सृष्टि आरम्भ

प्रलय के बाद ब्रह्मा ने क्या सोचा?

प्रलयकालीन रात बीतने पर ब्रह्मा ने चराचर जगत् को शून्य देखकर सृष्टि करने का विचार किया।

प्रलयब्रह्मासृष्टि विचार
ब्रह्मा काल

ब्रह्मा को नारायण क्यों कहा गया है?

प्रलय की रात में ब्रह्माजी जलराशि में शयन करते हैं, इसलिए उन्हें नारायण कहा गया है।

ब्रह्मानारायणप्रलय
प्रलय

प्रलय में कौन से लोक नष्ट नहीं होते?

भू:, भुव:, स्व: और मह: से ऊपर के लोकों का नाश नहीं होता बताया गया है।

प्रलयऊपर के लोकलोक
प्रलय

प्रलय में कौन से लोक नष्ट होते हैं?

प्रलय में भू:, भुव:, स्व: और मह: लोक नष्ट होते हैं।

प्रलयभू लोकभुव लोक
ब्रह्मा काल

ब्रह्मा की आयु कितनी बताई गई है?

ब्रह्मा की आयु दो परार्ध बताई गई है।

ब्रह्मा की आयुदो परार्धब्रह्मा
शिव तत्त्व

महेश्वर एक ही क्यों बताए गए हैं?

असंख्य कल्प, पितामह और विष्णु उत्पन्न होते हैं, पर महेश्वर मात्र एक बताए गए हैं।

महेश्वरअसंख्य कल्पब्रह्मा
प्रलय

सृष्टि और प्रलय का कारण क्या बताया गया है?

गुणों की विषमता से सृष्टि और गुणों के साम्य से प्रलय बताया गया है; दोनों का हेतु महेश्वर हैं।

सृष्टिप्रलयगुण
प्रलय

प्रलय के बाद क्या बचता है?

प्रलय के बाद केवल प्रधान यानी प्रकृति और पुरुष रह जाते हैं।

प्रलयप्रधानप्रकृति
प्रलय

महाप्रलय में क्या होता है?

महाप्रलय में सम्पूर्ण सृष्टि का लय हो जाता है और शिव की आज्ञा से प्रलय का भी प्रलय होता है।

महाप्रलयसृष्टि लयशिव आज्ञा
कल्प और मन्वन्तर

ब्रह्मा के तैंतीस कल्प कौन से हैं?

ब्रह्मा के तैंतीस कल्पों में भवोद्भव से सर्वरूपक तक अनेक नाम गिनाए गए हैं।

तैंतीस कल्पब्रह्माकल्प नाम
देव काल

रुद्र का एक दिन कितना बताया गया है?

विष्णु के नौ हजार दिनों का समय कालात्मा रुद्र के एक दिन का समय कहा गया है।

रुद्ररुद्र का दिनविष्णु का दिन
देव काल

विष्णु का एक दिन कितना बताया गया है?

ब्रह्मा के एक हजार युग विष्णु के एक दिन के बराबर बताए गए हैं।

विष्णुविष्णु का दिनब्रह्मा का युग
ब्रह्मा काल

ब्रह्मा का एक वर्ष कितना होता है?

हजार कल्पों का काल ब्रह्माजी का एक वर्ष बताया गया है।

ब्रह्माब्रह्म वर्षकल्प
कल्प और मन्वन्तर

एक मन्वन्तर कितने वर्षों का होता है?

मनुष्यवर्ष से तीस करोड़ सरसठ लाख बीस हजार वर्षों का काल मन्वन्तर के लिए बताया गया है।

मन्वन्तरमनुष्य वर्षतीस करोड़

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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