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पृथ्वी प्रश्नोत्तरी — 40 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित पृथ्वी विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 40 प्रश्न

लोक

महातल लोक पृथ्वी से कितने योजन नीचे है?

महातल लोक पृथ्वी से 50,000 योजन नीचे स्थित है।

महातल दूरीपचास हजार योजनपृथ्वी
लोक

हिरण्याक्ष ने पृथ्वी को रसातल में क्यों छिपाया?

हिरण्याक्ष ने ब्रह्मांडीय व्यवस्था भंग करने के लिए पृथ्वी को रसातल की गहराइयों में छिपा दिया।

हिरण्याक्षपृथ्वीरसातल
लोक

रसातल लोक पृथ्वी से कितने योजन नीचे है?

रसातल लोक पृथ्वी से लगभग साठ हजार योजन नीचे स्थित है।

रसातल दूरीसाठ हजार योजनपृथ्वी
लोक

वितल लोक पृथ्वी से कितने योजन नीचे है?

वितल लोक पृथ्वी से बीस हजार योजन नीचे स्थित है।

वितल दूरीबीस हजार योजनपृथ्वी
लोक

सुतल लोक पृथ्वी से कितने योजन नीचे है?

सुतल लोक पृथ्वी से तीस हजार योजन नीचे बताया गया है।

सुतल लोक योजनतीस हजार योजनपृथ्वी
लोक

लौह नगर किसके लिए बनाया गया था?

लौह नगर विद्युन्माली के लिए बनाया गया था।

लौह नगरविद्युन्मालीत्रिपुर
लोक

पृथ्वी से तलातल कितने योजन नीचे है?

पृथ्वी से तलातल चालीस हजार योजन नीचे है।

पृथ्वीतलातलयोजन
लोक

जनलोक पृथ्वी और स्वर्ग से अलग कैसे है?

पृथ्वी कर्मभूमि, स्वर्ग भोगभूमि और जनलोक ज्ञानभूमि तथा ब्रह्म-चिंतन की तपोभूमि है।

जनलोकपृथ्वीस्वर्ग
लोक

पृथ्वी से सत्यलोक कितनी दूर है?

सूर्य से सत्यलोक 23,38,00,000 योजन (लगभग 1 अरब 87 करोड़ मील) दूर है। पृथ्वी से सूर्य 1 लाख योजन और आगे कई पड़ाव हैं।

पृथ्वीसत्यलोकदूरी
लोक

अतल के ऊपर पृथ्वी और नीचे वितल का क्या संबंध है?

अतल के ऊपर पृथ्वी (10,000 योजन) और नीचे वितल (10,000 योजन) है। वितल में हाटकेश्वर शिव और भवानी का निवास है। अतल इन दोनों के बीच सेतु है।

अतल लोकपृथ्वीवितल
लोक

अतल लोक से वापसी कब होती है?

जब पुण्यों की अवधि समाप्त हो जाती है तो अतल लोक के निवासियों को कर्मचक्र के अनुसार पुनः पृथ्वी पर लौटना पड़ता है। यह लोक मोक्ष का मार्ग नहीं है।

अतल लोकवापसीपुण्य
लोक

पृथ्वी से अतल लोक कितनी दूर है?

पृथ्वी से अतल लोक दस हजार योजन (लगभग 80,000 मील) नीचे है। यह पहला भूमिगत लोक है।

पृथ्वीअतल लोकदूरी
लोक

अतल लोक कहाँ है?

अतल लोक पृथ्वी के ठीक नीचे दस हजार योजन की गहराई में स्थित पहला भूमिगत लोक है। इसके नीचे वितल लोक है।

अतल लोकस्थानपृथ्वी
रामचरितमानस — बालकाण्ड

पृथ्वी ने गऊ (गाय) का रूप क्यों धारण किया?

रावण के अत्याचार से पीड़ित पृथ्वी ने गऊ रूप धारण करके देवताओं-मुनियों के सामने दुख प्रकट किया। गाय करुणा और असहायता का प्रतीक है। देवताओं ने ब्रह्माजी के साथ भगवान से अवतार की प्रार्थना की।

बालकाण्डपृथ्वीगऊ रूप
भक्ति एवं आध्यात्म

पंचतत्व क्या हैं और इनका महत्व?

आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी — ये पाँच पंचमहाभूत हैं जिनसे यह सम्पूर्ण सृष्टि और मानव शरीर बना है। मृत्यु के बाद शरीर इन्हीं में विलीन हो जाता है।

पंचतत्वपंचमहाभूतपृथ्वी
वेद ज्ञान

वेदों में प्रकृति का महत्व क्या है?

वेदों में प्रकृति देव-स्वरूप है। अथर्ववेद (12/1) का पृथ्वी सूक्त — 'माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः' — पृथ्वी को माता मानता है। ऋग्वेद में जल, वायु, सूर्य की स्तुति है। 'ऋत' की रक्षा वैदिक पर्यावरण-दर्शन का मूल है।

प्रकृतिवेदपृथ्वी

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।