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श्रवण प्रश्नोत्तरी — 38 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित श्रवण विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 38 प्रश्न

श्रीमद्भागवत

भागवत कथा की विधि क्या है?

भागवत कथा के लिये पवित्र स्थान, श्रद्धापूर्वक श्रवण, सत्य, ब्रह्मचर्य और कलियुग में सात दिन की विधि बताई गई है।

भागवत कथा विधिश्रवणसत्य
श्रीमद्भागवत

भागवत सुनने के फायदे?

भागवत सुनने से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य को बल मिलता है, कलियुग दोष मिटते हैं और शोक-दुख नष्ट होते हैं।

भागवतश्रवणज्ञान
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा सुनने के क्या लाभ हैं?

भागवत कथा को पवित्र करने वाली, कृष्ण-प्राप्ति कराने वाली, भक्ति बढ़ाने वाली और वैकुंठफलदायक कहा गया है।

भागवत कथाश्रवणभक्ति
लोक

यमलोक की गुप्तचर व्यवस्था कैसे काम करती है?

यमलोक की गुप्तचर व्यवस्था श्रवण-श्रवणी देवों से चलती है, जो हर गुप्त कर्म देखकर चित्रगुप्त तक पहुँचाते हैं।

यमलोक गुप्तचर व्यवस्थाश्रवणश्रवणी
जीवन एवं मृत्यु

प्रेतकल्प का श्रवण किसे नहीं करना चाहिए?

प्रेतकल्प का श्रवण किसी के लिए भी पूर्णतः वर्जित नहीं। 'घर में न रखने' की धारणा भ्रामक है। परंपरागत सावधानी — गर्भवती, अबोध बच्चे और अत्यंत संवेदनशील व्यक्तियों को विस्तृत यातना-वर्णन से दूर रखा जा सकता है।

प्रेतकल्पवर्जनाश्रवण
जीवन एवं मृत्यु

प्रेतकल्प का श्रवण किस उद्देश्य से किया जाता है?

प्रेतकल्प श्रवण के उद्देश्य — मृत आत्मा की सद्गति, परिजनों को कर्तव्य-ज्ञान, मृत्यु की सच्चाई समझना, पाप-मोचन और वैराग्य-आत्मज्ञान की प्राप्ति।

प्रेतकल्पउद्देश्यश्रवण
जीवन एवं मृत्यु

प्रेतकल्प का श्रवण क्यों करना चाहिए?

प्रेतकल्प का श्रवण करना चाहिए — पापों से मुक्ति, मृत आत्मा को सद्गति, विष्णु-प्रदत्त ज्ञान की प्राप्ति, प्रेतत्व से बचाव और परिजनों को कर्तव्य-ज्ञान के लिए।

प्रेतकल्पश्रवणफल
भक्ति एवं आध्यात्म

भगवान हमारी प्रार्थना कैसे सुनते हैं

भगवान अंतर्यामी हैं — हर हृदय में निवास करते हैं। प्रार्थना सीधे उन तक पहुँचती है। उनका उत्तर मन में शांति, स्पष्ट विचार, परिस्थिति में बदलाव या गुरु-संत के माध्यम से आता है।

प्रार्थनाभगवानश्रवण
भक्ति एवं आध्यात्म

नवधा भक्ति में कौन सी भक्ति सबसे सरल है

प्रह्लाद के अनुसार श्रवण सर्वश्रेष्ठ है। कलियुग के लिए नाम-संकीर्तन सबसे सुलभ है — देश-काल का कोई बंधन नहीं। जो स्वभाव से सहज लगे वही सबसे सरल भक्ति है।

नवधा भक्तिश्रवणसरल भक्ति
भक्ति एवं आध्यात्म

श्रवण कीर्तन स्मरण पादसेवन अर्चन वंदन दास्य सख्य आत्मनिवेदन

नवधा भक्ति के नौ अंग — श्रवण (कथा सुनना), कीर्तन (गान), स्मरण (स्मरण), पादसेवन (चरण-सेवा), अर्चन (पूजा), वंदन (नमस्कार), दास्य (सेवक-भाव), सख्य (मित्र-भाव), आत्मनिवेदन (पूर्ण समर्पण)। एक भी पूर्ण हो तो मोक्ष मिले।

नवधा भक्तिश्रीमद्भागवतश्रवण
दैनिक आचार

गर्भावस्था में कौन से मंत्र सुनने चाहिए

गायत्री मंत्र (बुद्धि), विष्णु सहस्रनाम, गीता, सुंदरकांड, संतान गोपाल, महामृत्युंजय। शास्त्र: अभिमन्यु + प्रह्लाद = गर्भ में सीखा। विज्ञान: prenatal music therapy लाभकारी।

गर्भावस्थामंत्रश्रवण
शास्त्र ज्ञान

उपनिषद में आत्मज्ञान कैसे प्राप्त करें?

उपनिषदों में आत्मज्ञान की विधि है — मुमुक्षुत्व → सद्गुरु → श्रवण → मनन → निदिध्यासन → 'नेति नेति' विचार → अपरोक्षानुभूति। बृहदारण्यक (4/4/22) — 'आत्मा श्रोतव्यो मन्तव्यो निदिध्यासितव्यः।' कठोपनिषद (2/24) — आत्मा बलहीन को नहीं मिलती।

आत्मज्ञानउपनिषदआत्म-साक्षात्कार
शास्त्र ज्ञान

उपनिषद में साधना का महत्व क्या है?

उपनिषदों में साधना का मूल मार्ग है — श्रवण → मनन → निदिध्यासन (बृहदारण्यक 4/4/22)। साधन-चतुष्टय — विवेक, वैराग्य, षट्सम्पत्ति और मुमुक्षुत्व — वेदांत साधना के चार अनिवार्य अंग हैं। छान्दोग्य (7/26) — आहार-शुद्धि से मन-शुद्धि और मन-शुद्धि से ब्रह्म-साक्षात्कार।

साधनाउपनिषदश्रवण
मंत्र विधि

मंत्र जप ऑनलाइन सुनकर करने से भी फल मिलता है क्या?

श्रवण = भक्ति का प्रथम प्रकार — सुनना लाभदायी। परंतु: स्वयं जप > सुनना (कंपन, चक्र, चारों इन्द्रियां)। ऑनलाइन सीमा: विक्षेप, अशुद्ध उच्चारण। सुझाव: सुनते समय मन में जपें। प्रामाणिक स्रोत। स्वयं जप = कोई विकल्प नहीं।

ऑनलाइनसुननाश्रवण

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।