ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

त्रिगुण — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 2 प्रश्न

🔍
हिंदू दर्शन

गीता में तीन गुणों सत्व रज तम का वर्णन

गीता 14: सत्व = ज्ञान, प्रकाश, सुख (ऊर्ध्वगति); रजस् = आसक्ति, कामना, अशांति (मध्य गति); तमस् = अज्ञान, आलस्य, प्रमाद (अधोगति)। तीनों बांधते हैं। गुणातीत = तीनों से परे, समभावी। उपाय: सात्विक आहार, सत्संग, ध्यान से सत्व बढ़ाएं।

त्रिगुणसत्वरजस
शिव पूजा

शिव पूजा से जीवन में संतुलन कैसे आता है?

शिव पूजा से संतुलन: अर्धनारीश्वर = स्त्री-पुरुष संतुलन, परिवार-सामंजस्य। पंचाक्षरी = 5 तत्त्वों का संतुलन → शरीर-मन संतुलित। गीता (14.26): शिव = त्रिगुण-अतीत → गुण-संतुलन। नित्य पूजा = अनुशासन (कार्य-परिवार-अध्यात्म)। लिंग पुराण: संहार + सृजन = जीवन-चक्र में समभाव।

शिव पूजासंतुलनत्रिगुण

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।