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सूर्य देव प्रश्नोत्तरी — 11 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित सूर्य देव विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 11 प्रश्न

दिव्यास्त्र

सूर्य देव ने कर्ण को क्या सलाह दी थी?

सूर्य देव स्वप्न में आकर कर्ण को इंद्र के छल से सावधान किया और कवच-कुंडल न देने की सलाह दी। साथ ही यदि देना पड़े तो बदले में अमोघ अस्त्र मांगने को कहा।

सूर्य देवकर्णसलाह
दिव्यास्त्र

कर्ण का जन्म किस दिव्य सुरक्षा के साथ हुआ था?

कर्ण का जन्म सूर्य देव के वरदान से प्राप्त दिव्य कवच और कुंडल के साथ हुआ था जो उसके शरीर का ही अंग थे और उसे अजेय बनाते थे।

कर्णकवच कुंडलसूर्य देव
लोक

प्लक्ष द्वीप में किसकी उपासना होती है?

प्लक्ष द्वीप में हंस, पतंग, ऊर्ध्वायन और सत्यांग नाम के निवासी 1000 वर्षों तक देवताओं जैसा जीवन जीते हैं और सूर्य देव की उपासना करते हैं।

प्लक्ष द्वीपसूर्य देवउपासना
लोक

प्लक्ष द्वीप में सूर्य देव की उपासना कैसे होती है?

प्लक्ष द्वीप में हंस, पतंग, ऊर्ध्वायन और सत्यांग वर्ण त्रयी विद्या (वेदों) के माध्यम से भगवान के त्रयीमय सूर्य स्वरूप की आराधना करते हैं।

प्लक्ष द्वीपसूर्य देवउपासना
दिव्यास्त्र

यमराज कौन हैं और उन्हें धर्मराज क्यों कहते हैं?

यमराज सूर्य देव के पुत्र और दक्षिण दिशा के दिक्पाल हैं। वे केवल प्राण नहीं हरते बल्कि जीवों के कर्मों का न्याय भी करते हैं, इसीलिए उन्हें धर्मराज कहते हैं।

यमराजधर्मराजसूर्य देव
मंत्र साधना

आत्मविश्वास बढ़ाने का सूर्य मंत्र

सूर्य देव आत्मविश्वास और ऊर्जा के प्रतीक हैं। प्रातःकाल सूर्य को अर्घ्य देते हुए 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' का जप करने से भय दूर होता है और अपार आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है।

आत्मविश्वाससूर्य देवसफलता
लोक

सूर्य देव सप्तमी से कैसे जुड़े हैं?

सप्तमी सूर्य की तिथि मानी गई है।

सूर्य देवसप्तमीश्राद्ध
साक्षी का तत्व दर्शन

सूर्य देव को 'लोक साक्षी' क्यों कहते हैं?

सूर्य देव को 'लोक साक्षी' इसलिए कहते हैं क्योंकि वे दिन में किए गए सभी कर्मों को देखते हैं।

लोक साक्षीसूर्य देवदिन कर्म
नवग्रहों का देव स्वरूप

सूर्य देव कौन हैं?

सूर्य देव महर्षि कश्यप और अदिति के पुत्र हैं — वे समस्त ग्रहों के अधिपति, जगत की आत्मा और प्राण-ऊर्जा के स्रोत हैं।

सूर्य देवमहर्षि कश्यपअदिति पुत्र
देवी-देवता परिचय

सूर्य देव की पत्नी का नाम क्या है?

सूर्य देव की पहली पत्नी संज्ञा (विश्वकर्मा की पुत्री) और दूसरी पत्नी छाया (संज्ञा का प्रतिरूप) हैं।

सूर्य देवसंज्ञाछाया
दैनिक आचरण एवं संस्कार

सूर्य को अर्घ्य देने का सही तरीका

स्नान के बाद ताँबे के लोटे में जल, रोली, अक्षत और लाल पुष्प डालकर, पूर्व दिशा में मुख करके हाथ ऊपर उठाकर जल की धारा गिराएँ। 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नमः' मंत्र जपें। जल पैर पर न पड़े।

सूर्य अर्घ्यसूर्य देवजल अर्पण

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।