ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

ॐकार — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 2 प्रश्न

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हिंदू दर्शन

मांडूक्योपनिषद में ॐ का विश्लेषण क्या है

मांडूक्य: ॐ = अ (जाग्रत/वैश्वानर) + उ (स्वप्न/तैजस) + म (सुषुप्ति/प्राज्ञ) + मौन (तुरीय/ब्रह्म)। चौथी अवस्था (तुरीय) — तीनों से परे, शांत, अद्वैत — यही आत्मा। 12 मंत्रों में संपूर्ण वेदांत। ॐ = अस्तित्व का ध्वनि मानचित्र।

मांडूक्यॐकारचतुर्थ अवस्था
कुंडलिनी योग

आज्ञा चक्र खुलने पर क्या दिव्य दृष्टि मिलती है?

आज्ञा चक्र: (1) अंतर्ज्ञान (2) ॐकार नाद (3) श्वेत/नीला/बैंगनी प्रकाश (4) दूरदर्शन/पूर्वाभास (सीमित) (5) त्रिकालज्ञान (आंशिक) (6) एकाग्रता+साक्षी भाव (7) भौंहों दबाव (8) दिव्य स्वप्न। सिद्धि≠लक्ष्य। भ्रम vs दिव्य=गुरु।

आज्ञा चक्रतीसरा नेत्रदिव्य दृष्टि

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।