📖
विस्तृत उत्तर
अकार, उकार और मकार को ॐकार के स्थूल शरीर से जोड़ा गया है। ॐकार को परात्पर और सूक्ष्मातिसूक्ष्म कहा गया है, फिर भी उसे अकार, उकार और मकारात्मक स्थूल शरीर वाला बताया गया है। इसका सीधा भाव यह है कि ॐकार का सूक्ष्म और श्रेष्ठ स्वरूप होते हुए भी उसे अ, उ और म से बने रूप में समझाया गया है।
📜
शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 1, PDF पृष्ठ 15, श्लोक 20
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?